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अंबिकापुर के कमोदा बिहार रिसॉर्ट में करीब 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने पहुंची टीम को हंगामे के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी। रिसॉर्ट के संचालकों ने कहा कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। रिसॉर्ट संचालक के समर्थन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने उनसे लिखित में आवेदन लिया है और कहा कि दो दिनों की मोहलत दी गई है। दो दिनों बाद कार्रवाई होगी। जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के फुंदुरडिहारी इलाके में स्थित कमोदा बिहार रिसॉर्ट पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद मामले की जांच की गई और यह मामला अंबिकापुर तहसीलदार न्यायालय में चला। जांच में अतिक्रमण सही पाया गया। इसके बाद धारा 248 के तहत रिसॉर्ट संचालक को बेदखली का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही दो दिन पहले ही उसे कब्जा हटाने के लिए भी नोटिस दिया गया था। बुलडोजर लेकर पहुंची टीम, संचालकों का हंगामा शनिवार को एसडीएम वन सिंह नेताम के साथ राजस्व और नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो कमोदा बिहार के संचालकों ने हंगामा कर दिया। घंटों हंगामे के बाद भी कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। संचालकों ने दावा किया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस नहीं दिया गया है। मौके पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी पहुंचे और दलील दी कि नियमों का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। एसडीएम ने संचालकों से लिखित में अपना पक्ष रखने को कहा। संचालकों ने अतिक्रमण हटाने दो दिनों का समय मांगा है। एसडीएम बोले- अतिक्रमण हटाने होगी कार्रवाई
एसडीएम वन सिंह नेताम ने कहा कि कमोदा विहार रिसॉर्ट के संचालकों को नोटिस दिया गया था। उनकी मांग पर दो दिनों का समय दिया जा रहा है। तहसील न्यायालय के आदेश पर कहीं से कोई स्टे नहीं है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीन पर कब्जा होना पाया गया है। पुनर्वास की जमीन पर रिसार्ट, जमीन मालिक की भी शिकायत कमोदा रिसॉर्ट पुनर्वास की जमीन पर बना हुआ है। इसके भू-स्वामी दीपक राय ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने की भी शिकायत कलेक्टर सरगुजा से की है। इसकी भी जांच की जा रही है। दीपक राय ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को 7 एकड़ जमीन मिली थी। इसमें दो भाइयों का हिस्सा था। एक रिश्तेदार ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कर दी है, जिसके लिए वे कई सालों से शिकायत कर रहे हैं और परेशान हो रहे हैं।
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