![]()
गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक में सरपंचों ने सुशासन तिहार का बहिष्कार कर दिया है। विकास कार्यों की उपेक्षा से नाराज सरपंचों ने जनपद प्रांगण में धरना प्रदर्शन किया और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। माडागांव में आयोजित सुशासन तिहार में कोई भी सरपंच शामिल नहीं हुआ। ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष पवन यादव ने बताया कि, ब्लॉक की 53 पंचायतों के सरपंचों ने बैठक कर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। उन्होंने आगे आयोजित होने वाले शिविरों में भी सहयोग न करने का ऐलान किया है। जनता की मांग पर एक नाली का निर्माण तक नहीं हो पा रहा सरपंच रोशनी प्रधान ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि, वे सरकार के इस तिहार का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन सहयोग भी नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि जनता की मांग पर एक नाली का निर्माण तक नहीं हो पा रहा है। सरपंचों का आरोप है कि, सक्षम और प्रभावशाली लोग काम ले आते हैं, जबकि सरपंचों को कोई काम नहीं मिल रहा। सरपंचों का कहना है कि पिछले दो साल से देवभोग ब्लॉक के सरपंच उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जिले के अन्य ब्लॉकों में भरपूर विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन देवभोग को नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने पर बैठे 53 में से 40 से अधिक सरपंचों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें देवभोग ब्लॉक में रोजगार मूलक और हितग्राही मूलक कार्यों की मंजूरी न मिलने का दर्द झलकता है। ज्ञापन में कहा गया है कि केवल मिट्टी कार्य देकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि मेटेरियल वर्क की भी आवश्यकता है। साथ ही, सरपंच प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रॉयल्टी मुक्त रेत भी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
<
