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छत्तीसगढ़ के युवा फिल्मकार एस अंशु धुरंधर को यूक्रेन के प्रतिष्ठित आईसीजे अवॉर्ड 2026 के लिए चुना गया है। उनकी डॉक्यूमेंट्री फिल्म “छत्तीसगढ़ के भीम चिताराम” को कुशल निर्देशन, प्रभावशाली प्रस्तुति और तकनीकी गुणवत्ता के लिए यह सम्मान मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष दुनिया भर से 2,500 से अधिक फिल्मों की समीक्षा की गई थी। फेस्टिवल जूरी ने फिल्म की कहानी कहने की शैली, वास्तविक साक्षात्कारों के संपादन और निर्देशक की दूरदृष्टि की सराहना की। जूरी सदस्यों ने कहा कि बड़ी संख्या में लिए गए साक्षात्कारों को संतुलित और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो फिल्म निर्माण की गहरी समझ को दर्शाता है। फिल्म की प्रभावशाली कहानी, पृष्ठभूमि संगीत और प्रस्तुति ने भी जूरी का ध्यान आकर्षित किया। फिल्म के अंतिम हिस्से में कवि एवं गायक मीर अली मीर द्वारा गाए गए गीत की भी विशेष प्रशंसा की गई। आयोजकों ने बताया कि अंशु धुरंधर की फिल्म का प्रदर्शन 14 मई 2026 को फेस्टिवल के उद्घाटन कार्यक्रम में होगा। फिल्म को रेड कार्पेट समारोह में भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन पश्चिमी यूक्रेन के ऐतिहासिक स्थल उज़्होरोड कासल में किया जाएगा। फेस्टिवल टीम के अनुसार, यह फिल्म “सिनेमा इन स्कूल्स कार्यक्रम” के तहत यूक्रेन के लगभग 100 स्कूलों में भी दिखाई जाएगी। इनमें अग्रिम मोर्चे के निकट स्थित समुदायों के स्कूल भी शामिल हैं, जहाँ विद्यार्थियों को सिनेमा के माध्यम से प्रेरित करने और सामाजिक विषयों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस चयन के बाद निर्देशक एस अंशु धुरंधर को फिल्म और कला जगत से बधाइयां मिल रही हैं। इसे छत्तीसगढ़ से जुड़ी विषयवस्तु पर आधारित सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि माना जा रहा है।
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