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सक्ती जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) हरीश यादव के सामान रखे कमरे का ताला बिना अनुमति तोड़कर सामान ट्रक में भरकर बेमेतरा भेजने का मामला सामने आया है। हरीश यादव ने इसे गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने इस मामले की शिकायत डीजीपी, आईजी दुर्ग रेंज, आईजी बिलासपुर रेंज और सक्ती एसपी से की है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और निलंबन किया जाए। जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, हरीश यादव पहले सक्ती में एएसपी के पद पर थे और फिलहाल बेमेतरा में पदस्थ हैं। सक्ती में उनके रहने की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए वे एसडीओपी कार्यालय के बैरक में रहते थे। ट्रांसफर के बाद उन्होंने अपना सामान एक कमरे में रखकर ताला लगा दिया था। आरोप है कि 5 जून 2026 को उनके पूर्व कर्मचारी ने फोन कर बताया कि उनका सामान शिफ्ट किया जा रहा है। इसके बाद अलग-अलग पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई, लेकिन किसी ने स्पष्ट आदेश की बात स्वीकार नहीं की। बाद में उन्हें बताया गया कि उनका पूरा सामान ट्रक में लोड होकर बेमेतरा भेज दिया गया है। हरीश यादव का कहना है कि न तो सामान की लिस्ट बनाई गई, न फोटो ली गई और न ही पंचनामा किया गया। इस पूरे मामले में उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना प्रक्रिया के उनका सामान हटाया गया है, जो गलत है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को सस्पेंड किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि फिलहाल उनका सामान बेमेतरा पुलिस लाइन में सुरक्षित रखा गया है और उसकी सही जांच और मिलान परिवार की मौजूदगी में किया जाना चाहिए। एएसपी ने अपने आवेदन में कहा है कि ट्रांसफर वाली नौकरी में अधिकारियों को अक्सर रहने और सामान रखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ऐसे में बिना अनुमति किसी का निजी सामान हटाना बहुत ही गलत है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर विभाग से उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वे इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे।
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