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गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। घटना उदंती अभ्यारण के कोर जोन अंतर्गत सीतानदी रेंज के जैतपुरी गांव की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक अभ्यारण्य प्रशासन ने पिछले दिनों कोर क्षेत्र में अतिक्रमण के मामलों को लेकर 166 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। वन विभाग ने गांव के सभी 166 परिवारों के मुखियाओं के खिलाफ वन अपराध का मामला दर्ज किया है। सोमवार को टीम उसके बयान दर्ज करने जैतपुरी गांव पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों और वन विभाग की टीम के बीच विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने डिप्टी डायरेक्टर और वन कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की। हालांकि तनावपूर्ण माहौल के बीच वन अमले ने स्थिति को संभाला। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, अभी तक इस मामले में विभाग की ओर से कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। 2008 के बाद हुए कब्जों का खुलासा उदंती-सीतानदी अभयारण्य में 2008 के बाद हुए अवैध कब्जों का खुलासा 2022 से शुरू हुआ, जब वरुण जैन ने उपनिदेशक के रूप में पदभार संभाला। आईटी एक्सपर्ट वरुण जैन ने 2023 में गूगल अर्थ की मदद से अभयारण्य का रिमोट सेंसिंग पोर्टल तैयार किया। इस पोर्टल में 20 साल से अधिक पुराने सैटेलाइट इमेज हैं। सैटेलाइट इमेज से खुली अवैध कटाई और कब्जे की परतें 2006, 2008 और 2010 में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन से अवैध पेड़ कटाई और अतिक्रमण के मामलों का लगातार खुलासा होता गया। कई गांवों में चला बेदखली अभियान हालिया कार्रवाई से पहले घोरागांव, सोरमाल, बुढ़गेलटप्पा, बनवापारा, गरीबा, कोकड़ी, गोना, कांडसर, फरसरा, पीपलखुटा, कारिपानी और करलाझर नागेश क्षेत्रों में कुल 850 हेक्टेयर भूमि पर बेदखली की कार्रवाई की गई।
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