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उत्तर छत्तीसगढ़ में राजस्थान की ओर से तेजी से प्रवेश कर रहे गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान बढ़कर 41 डिग्री पहुंच गया है। रविवार को गर्म हवाओं और तीखी धूप के कारण शहर का अधिकतम तापमान औसत तापमान से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। गर्मी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह साढ़े 8 बजे ही पारा 32 डिग्री तक पहुंच चुका था। न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है। उत्तर छत्तीसगढ़ में भी भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है। पिछले पांच दिनों से अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। 15 अप्रैल को तापमान 39.1 डिग्री था, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए 19 अप्रैल को 41 डिग्री तक पहुंच गया है। तीखी धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे भी शरीर को पूरी तरह ढंककर धूप से बचते नजर आए। शाम होने के बाद भी हवाओं में गर्माहट बनी रही, जिससे लोगों को काफी बेचैनी महसूस हुई। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोत्तरी
सरगुजा संभाग में न्यूनतम तापमान में भी लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो औसत से 4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोत्तरी के कारण रात में भी गर्मी एवं उमस के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। नम हवाओं से दो कुछ राहत की उम्मीद
मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के कारण लगातार अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है। हालांकि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और उत्तर में सक्रिय एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण वातावरण के ऊपरी स्तर पर हल्के बादल छा सकते हैं। इसके कारण आने वाले दिनों में लगातार बढ़ोत्तरी पर रोक लगेगी। एएम भट्ट ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही फिर से अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी आएगी। संभाग में तेजी से बढ़ रही गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है। चिकित्सकों ने लोगों को तेज धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही लू से बचने के लिए अधिक मात्रा में पानी पीने एवं खाली पेट बाहर न निकलने की सलाह भी दी जा रही है।
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