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राजधानी की सबसे बड़ी समस्या बन चुके ई-रिक्शा को व्यवस्थित करने का प्रयास शुरू हो गया है। शहर को जोन में बांटकर ई-रिक्शा चलाने की योजना बनाई जा रही है। इससे शहर के हर इलाके में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ेगा। इस पर पुलिस, परिवहन और नगर निगम मिलकर प्लान तैयार कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए परमिट की अनिवार्यता खत्म की है, लेकिन यह छूट दी है कि किसी सड़क पर वाहनों की संख्या तय करने का अधिकार स्थानीय निकाय को होगा। इसी आधार पर तीनों एजेंसियां योजना बना रही हैं, ताकि शहर को जाम से राहत मिल सके। ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रफुल्ल जोशी के अनुसार रायपुर को 4-8 जोन में बांटकर ई-रिक्शा बराबर वितरित किए जाएं। हर 6 माह में रोटेशन हो। लॉटरी या ऑनलाइन सिस्टम लागू हो। अलग रंग-स्टिकर दिए जाएं और सभी ई-रिक्शा का पंजीकरण अनिवार्य किया जाए। निगम, पुलिस और परिवहन विभाग ट्रैफिक सुधारने लेगी फैसला स्थानीय निकाय बना सकती है व्यवस्था -डी. रविशंकर, एडिशनल कमिश्नर परिवहन केंद्र सरकार ने ईवी को बढ़ाने के लिए परमिट की छूट दी गई है, लेकिन क्षेत्र या रूट तय करने का अधिकार स्थानीय निकाय को है। जहां अधिक वाहन चल रहे हैं, वहां संतुलन बनाने के लिए नया व्यवस्था लागू कर सकता है। विभाग के पास प्रस्ताव आने पर इसे लागू किया जाएगा। ई-रिक्शा चालकों का डिजिटल कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। परीक्षण के बाद बनेगा प्रस्ताव -डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस कमिश्नर शहर को जाम मुक्त करने सर्वे चल रहा है। ई-रिक्शा को लेकर भी परीक्षण चल रहा है कि किस तरह की व्यवस्था प्रभावी होगी। पहले चार जोन का प्रस्ताव भेजा गया था, अब दोबारा अध्ययन किया जा रहा है। प्रस्ताव तैयार कर नगर निगम को भेजा जाएगा। पुलिस के पास ई-रिक्शा और मालिकों का डेटा है, अब ड्राइवरों का डेटाबेस भी तैयार किया जा रहा है। जाम से राहत के लिए बनेगा नया सिस्टम – विश्वदीप, नगर निगम कमिश्नर ट्रैफिक सुधार के लिए पुलिस या परिवहन विभाग से प्रस्ताव मिलने पर उसे लागू किया जाएगा। शहर को जोन सिस्टम में बांटा जा सकता है। अन्य शहरों की व्यवस्था का अध्ययन किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे चालकों को परेशानी न हो और वे सहयोग करें। फिलहाल शास्त्री चौक में ई-रिक्शा की नो-एंट्री लागू है।
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