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राजधानी के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान के कर्मचारी द्वारा लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी सेल्समैन ने दुकान के आधिकारिक QR कोड की जगह अपना निजी QR कोड लगाकर ग्राहकों से भुगतान अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राहकों को भुगतान के बावजूद सामान नहीं मिला और उन्होंने दुकान संचालक से शिकायत की। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक साल पहले लगा था नौकरी में पुलिस के अनुसार, टैगोर नगर निवासी गौरव डागा की कोतवाली चौक के पास “युनिवर्सल सर्विसेस” नाम से इलेक्ट्रॉनिक दुकान है। यहां शुभम देवांगन पिछले एक साल से सेल्समैन के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान उसने विश्वास का फायदा उठाते हुए दुकान में लगे QR कोड को बदलकर अपना निजी QR कोड लगा दिया। आरोपी ने ग्राहकों को भुगतान के लिए वही फर्जी QR कोड स्कैन करवाया और रकम सीधे अपने खाते में मंगवाई। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में उसने नकद राशि भी ली। ग्राहकों को जब तय समय पर सामान नहीं मिला, तब उन्होंने दुकान प्रबंधन से संपर्क किया, जिससे पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बोनी सोनी से 26 हजार रुपए नकद, त्रिलोक यादव से 29 हजार रुपए नकद, कामिनी सोनकर से 47,900 रुपए यूपीआई और दुष्यंत नेताम से 41 हजार रुपए यूपीआई के जरिए लिए। इस तरह कुल 1.43 लाख रुपए की ठगी की गई है। दुकान संचालक की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तरह की ठगी में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
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