रायपुर8 मिनट पहले
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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code- UCC) लागू करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। राज्य सरकार की उच्चस्तरीय समिति अब गोवा और उत्तराखंड में लागू यूसीसी मॉडल का अध्ययन करेगी।
साथ ही गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में यूसीसी के लिए गठित समितियों के अनुभवों और सुझावों का भी विश्लेषण किया जाएगा। गोवा और उत्तराखंड में लिव-इन रिलेशनशिप, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान लागू हैं।
इनमें लिव-इन कपल के बच्चों को संपत्ति का अधिकार भी शामिल है। इन्हीं सभी पहलुओं के आधार पर छत्तीसगढ़ के लिए यूसीसी का मसौदा तैयार किया जाएगा। वहीं इस लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, UCC हिंदुस्तान के लिए पेचीदा विषय हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता बचाने के लिए इस प्रकार के हथकंडे और परपंच कर रही है।

यूसीसी में आदिवासी समुदाय को मिल सकती है राहत।
आदिवासी समुदायों को मिल सकती है विशेष छूट
जनगणना 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ की 30.62 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की है। संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और प्रथागत कानूनों को विशेष संरक्षण प्रदान करती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड की तरह छत्तीसगढ़ में भी अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के दायरे से आंशिक या पूर्ण छूट देने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
उच्चस्तरीय समिति इस बात का अध्ययन करेगी कि यूसीसी लागू होने की स्थिति में आदिवासी समुदायों के प्रथागत कानूनों, रीति-रिवाजों और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है।

गोवा में शादी के बाद दंपती एक-दूसरे की संपत्ति के बराबर के अधिकारी हैं।
आइए अब समझते हैं कि गोवा सिविल कोड है क्या
- इस कोड के तहत गोवा में शादी के बाद दंपती एक-दूसरे की संपत्ति के बराबर के अधिकारी हैं। तलाक की स्थिति आने पर आधी संपत्ति पर पत्नी का अधिकार होगा।
- मां-बाप को अपनी आधी संपत्ति अपने बच्चों के साथ बांटना होगा, जिसमें बेटियां बराबर की हकदार होती हैं।
- राज्य में कोई भी व्यक्ति एक से ज्यादा शादी नहीं कर सकते।
- गोवा में इनकम टैक्स के नियम दूसरे राज्यों से अलग है। वहीं अगर पति-पत्नी, दोनों कमाते हैं तो दोनों की कमाई को जोड़कर यानी कुल कमाई पर टैक्स लगाया जाता है।
- पति को अपने घर बेचने के लिए पत्नी की इजाजत लेनी पड़ती है।
हिंदू समुदाय को लेकर शादी के नियम
गोवा के लोग एक से ज्यादा शादी नहीं कर सकते, लेकिन अगर किसी हिंदू पुरुष की पत्नी बच्चे को जन्म नहीं दे पाती या 30 साल की उम्र तक वह बेटे को जन्म नहीं दे पाती, तो ऐसी स्थिति में हिंदू पुरुष दूसरी शादी कर सकता है। यह नियम सिर्फ हिंदू समुदाय के लिए है।
हालांकि, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा था कि यह प्रावधान अब अप्रासंगिक हो चुके हैं। 1910 से इसका फायदा किसी को नहीं दिया गया है। लिव इन रिलेशनशिप संबंधों से जन्मे बच्चों को कानूनी अधिकार दिए गए हैं। बहुविवाह और एकतरफा तलाक जैसी प्रथाओं पर भी रोक का प्रावधान है।

उत्तराखंड में यूसीसी 2024 में लागू हुआ है।
आइए अब समझते हैं कि UCC उत्तराखंड विधेयक 2024 है क्या
- विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार पर एक समान कानून – सभी धर्मों और जातियों के लिए
- बहुविवाह और एकतरफा तलाक पर रोक – महिला सम्मान की दिशा में बड़ा कदम
- बेटी और बेटे को समान संपत्ति अधिकार – लैंगिक समानता को विधिक स्वरूप
- एक ही विवाह का पंजीकरण अनिवार्य – विवाह का वैधानिक दस्तावेज सुनिश्चित
- लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण – पारदर्शिता और महिला सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रावधान
- 6. गोद लेने की प्रक्रिया धर्मनिरपेक्ष – किसी भी नागरिक को बच्चे को गोद लेने का समान अधिकार
UCC के सामाजिक प्रभाव
- महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और बराबरी का अधिकार मिलेगा।
- धर्म या परंपराओं के नाम पर होने वाले भेदभाव पर लगाम लगेगी।
- विवाह और पारिवारिक मामलों में एकरूपता से पारिवारिक विवाद कम होंगे।
- संविधान के आदर्शों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का यथार्थ रूप सामने आएगा।

डिप्टी सीएम बोले- कमेटी वर्गों से चर्चा कर मसौदा तैयार करेगी
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने समान नागरिक संहिता लागू करने का मार्ग पहले ही प्रशस्त किया था। गोवा और उत्तराखंड के बाद अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अमरजीत भगत बोले- यूसीसी हिंदुस्तान के लिए पेचीदा
पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता अमरजीत भगत ने यूसीसी को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) हिंदुस्तान के लिए एक पेचीदा विषय है। मुझे लगता है, ये सबके लिए अनुकूल नहीं है।

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UCC लागू करने की दिशा में साय सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में साय सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने UCC की स्टडी, सुझाव और ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। पढ़ें पूरी खबर…

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