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बलरामपुर जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजपुर वन परिक्षेत्र में हाइड्रा मशीन और लाखों रुपये की सेमल लकड़ी जब्त की है। यह कार्रवाई वन मंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेयी के पदभार संभालने के बाद चलाए जा रहे सख्त अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। वन विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम घोरगड़ी में एक ट्रक में हाइड्रा मशीन के जरिए अवैध रूप से सेमल की लकड़ी लोड की जा रही है। शनिवार शाम करीब 7 बजे यह जानकारी राजपुर वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा को मिली। सूचना मिलते ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। 26 नग लकड़ी और हाइड्रा मशीन जब्त कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने 26 नग सेमल की लकड़ी जब्त की, जिसकी कुल मात्रा 13.883 घन मीटर है। जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, लकड़ी लोडिंग में इस्तेमाल हो रही लगभग 15 लाख रुपये कीमत की हाइड्रा मशीन भी जब्त कर ली गई। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार वन विभाग की टीम के पहुंचते ही ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह ट्रक शंकरगढ़ क्षेत्र का बताया जा रहा है। फरार ड्राइवर की पहचान इज़हार अंसारी (पिता मुस्ताक अंसारी) के रूप में हुई है, जिसकी तलाश जारी है। कई धाराओं में केस दर्ज वन विभाग ने जब्त हाइड्रा मशीन और फरार ट्रक चालक के खिलाफ विभिन्न कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 की धारा 3(क), 16 एवं 22, मध्यप्रदेश वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5, तथा भू-राजस्व संहिता की धारा 240(3) और 241(4) शामिल हैं। टीमवर्क से सफल हुई कार्रवाई इस पूरी कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा के साथ अशोक शुक्ला, पुनीत सिंह, मालती मांझी, राजेश कुमार, झगरू राम और भोला राम सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। माफियाओं पर सख्ती के संकेत वन विभाग की इस कार्रवाई को इलाके में वन माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध लकड़ी कटाई और परिवहन के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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