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राजधानी रायपुर में अवैध प्लाटिंग के लेआउट पास कराने के मामले में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। जोन-10 के जोन कमिश्नर और तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर अवैध प्लाटिंग को मंजूरी दी गई और इस दौरान उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकी गई। जानकारी के मुताबिक, बोरियाखुर्द और आसपास के इलाकों में अवैध प्लाटिंग कर लेआउट पास कराए गए थे। मामले में जमीन दलालों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। कई जगहों पर बिना अनुमति सड़कें बनाकर प्लॉटिंग की गई और फिर उसे वैध कराने की कोशिश हुई। नस्ती गायब होने का मामला भी सामने आया जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण नस्तियां (फाइलें) गायब कर दी गई थीं। मामले के उजागर होने के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया और जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई। फिलहाल, नस्ती गायब होने के मामले की अलग से जांच जारी है। संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। पहले ही हटाए जा चुके थे अधिकारी बताया जा रहा है कि मामले के सामने आने से पहले ही जोन कमिश्नर को उनके पद से हटाकर मुख्यालय में अटैच कर दिया गया था। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। जांच के बाद और कार्रवाई संभव निगम अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। अवैध प्लाटिंग के इस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हो सकें। इस कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य जोन में भी लेआउट पास करने की प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
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