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धमतरी जिले के अछोटा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। कुछ दिनों पहले एक पक्ष ने गांव के पूर्व ग्राम विकास समिति के सरपंच, उपसरपंच और एक भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। अब दूसरे पक्ष ने वर्तमान ग्राम विकास समिति के सरपंच, अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए धमतरी कलेक्ट्रेट का घेराव किया। उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया गया, जहां अतिरिक्त तहसीलदार ने उनसे ज्ञापन लिया। पूर्व उपसरपंच ने वर्तमान ग्राम विकास समिति पर लगाया आरोप पूर्व उपसरपंच अनीश कुमार देवांगन ने बताया कि गांव में वर्तमान ग्राम विकास समिति, सरपंच और सरपंच पति सहित अन्य पदाधिकारी माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी एक व्यक्ति की गलती छिपाकर दूसरे पर आरोप लगाना और कार्रवाई करना अनुचित है। इन्हीं मांगों को लेकर अछोटा ग्रामवासी कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। देवांगन ने यह भी कहा कि गांव में जो भी मामला हुआ है, वह पिछली पंचवर्षीय का है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उस समय भ्रष्टाचार हो रहा था, तो शिकायतकर्ताओं ने विरोध क्यों नहीं किया। देवांगन के अनुसार, कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है, बल्कि शासन-प्रशासन को झूठे आंकड़े देकर कार्रवाई करवाई गई है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और गलत बताया। गांव में अवैध रेत खदान बंद करने की मांग वहीं, ग्रामीण मनीष देवांगन ने आरोप लगाया कि जब से गांव में ग्राम विकास समिति का गठन हुआ है, तब से अवैध रेत उत्खनन हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि अवैध रेत उत्खनन के लिए हर माह 65 हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है। मनीष देवांगन ने मांग की कि अछोटा गांव की अवैध रेत खदान बंद होनी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार गांव का माहौल खराब होने का मुख्य कारण यही है। इस संबंध में अतिरिक्त तहसीलदार दुर्गेश तंवर ने बताया कि अछोटा ग्रामीणों द्वारा अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले से एसडीएम को अवगत कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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