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रायपुर में पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून पहले ही पास हो चुका है और निंदा प्रस्ताव का किसी भी कानून पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, यह सिर्फ एक राजनीतिक संदेश होता है। अकबर ने बताया कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के नाम से पास हो चुका है, जिसमें लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाकर अन्य पार्टियों पर झूठा आरोप लगा रही है, जबकि यह कानून पहले ही बन चुका है। पूर्व मंत्री ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 174 के अनुसार विधानसभा का सत्र बुलाने का अधिकार राज्यपाल के पास होता है, लेकिन असल में यह फैसला सरकार (कैबिनेट) की सलाह से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो किसी खास मुद्दे पर विशेष सत्र बुला सकती है। आमतौर पर यह सत्र महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा, बहुमत परीक्षण, बजट पास करने, आपदा या कानून-व्यवस्था जैसे मामलों में बुलाया जाता है। अगर कोई मामला बहुत जरूरी या राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो, तब भी सरकार विशेष सत्र बुला सकती है। अकबर ने कहा कि विधानसभा का सत्र बुलाने का अधिकार राज्यपाल के पास होता है, लेकिन यह फैसला सरकार की सलाह से लिया जाता है। उन्होंने बताया कि सरकार किसी खास मुद्दे पर विशेष सत्र बुला सकती है। यह सत्र आमतौर पर जरूरी मामलों जैसे चर्चा, बहुमत जांच, बजट पास करने या आपदा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर बुलाया जाता है। अगर कोई मामला बहुत जरूरी या राजनीतिक रूप से अहम हो, तो भी विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।
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