राजनीति

युवा कांग्रेस संगठन चुनाव में फर्जी वोटिंग और ID हैकिंग के आरोप, 8 रुपए में वर्चुअल नंबर से OTP का दावा

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में फर्जी वोटिंग और ID हैकिंग के आरोप सामने आए हैं। कई प्रत्याशियों और समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और तकनीकी तरीके की जानकारी सामने आई है, जिनके जरिए वर्चुअल मोबाइल नंबर लेकर OTP हासिल किया जा सकता है। आरोप है कि इसी तरह के नंबरों का इस्तेमाल फर्जी ID बनाने और वोटिंग के लिए किया जा रहा है।

युवा कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया ऑनलाइन है और एक मतदाता को 6 पदों के प्रत्याशियों के लिए वोट करना है। ऐसे में एक फर्जी ID से कई पदों के वोट प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, कितनी फर्जी ID बनाई गई और कितने वोट प्रभावित हुए, यह चुनावी ऐप के टेक्निकल डेटा की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

बता दें कि यूथ कांग्रेस का ऑनलाइन मतदान 30 अगस्त से 29 सितंबर तक होना है। यानी आज मतदान का आखिरी दिन है। एक दिन पहले ही बिलासपुर में फर्जी वोटिंग कराने के आरोपों वाला एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। जिसमें कहा गया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर फर्जी वोटिंग कराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, वायरल ऑडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

भास्कर पड़ताल में ‘OTP India’ नाम के ऐप से वर्चुअल नंबर और OTP उपलब्ध कराने वाली सेवा सामने आई। ऐसी सेवाओं में बिना पर्सनल SIM के वर्चुअल नंबर लेकर ऑनलाइन OTP प्राप्त किया जा सकता है। इसी तरह की अन्य सेवाएं भी वर्चुअल नंबर और OTP उपलब्ध कराती हैं। जिसे 8 रुपए में खरीदा जा रहा है। आरोप है कि युवा कांग्रेस चुनाव में भी वर्चुअल नंबर लेकर चुनावी ID का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। हालांकि ‘OTP India’ सेवा का इस्तेमाल युवा कांग्रेस चुनाव में ही हुआ है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

कई कैंडिडेट्स ने चुनाव अधिकारियों से शिकायत की है कि वोटों की संख्या बल्क में बढ़ रही है। इसकी पड़ताल के लिए यूथ कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी की वेबसाइट चेक की गई। इस दौरान 9:03 बजे डौंडीलोहारा के वोट सेक्शन में 3,569 वोट दिखाई दे रहे थे, करीब 15 मिनट बाद संख्या में लगभग 200 वोट की बढ़ोतरी दिखी। हालांकि, केवल वोट संख्या में बदलाव से फर्जी मतदान साबित नहीं होता। इसके लिए चुनावी सिस्टम के लॉग, OTP रिकॉर्ड, डिवाइस और वोटिंग टाइम की जांच जरूरी होगी।

युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में 18 से 35 वर्ष के करीब 10 लाख सदस्य मतदान कर रहे हैं। एक मतदाता को 6 पदों के प्रत्याशियों के लिए वोट करना है। ऐसे में यदि किसी ID के फर्जी होने की पुष्टि होती है तो उससे एक नहीं, बल्कि कई पदों के वोट प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि प्रत्याशियों के बीच ID और मोबाइल नंबर से छेड़छाड़ की शिकायतों को लेकर चिंता बढ़ी है।

कई प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने ID हैक या उससे छेड़छाड़ होने की शिकायत की है। आरोप है कि कुछ ID तक पहुंच बनाकर वोटिंग से जुड़ी जानकारी देखने और ID को प्रभावित करने की कोशिश की गई। फर्जी वोटिंग के आरोप केवल मोबाइल नंबर और OTP तक सीमित नहीं हैं। कुछ मामलों में फर्जी पहचान तैयार करने, फोटो बदलने और फोटो-वीडियो में बदलाव करने के आरोप भी सामने आए हैं। इसके लिए AI तकनीक के इस्तेमाल का भी दावा किया जा रहा है।

युवा कांग्रेस से जुड़े लोगों के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में ID हैक होने और फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ मतदाताओं ने दावा किया कि उनके नाम से ऐसे स्थान पर वोटिंग दिखाई गई, जहां वे कभी गए ही नहीं। प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रशांत कुमार समेत कुछ प्रत्याशियों ने चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों के सामने शिकायत किए जाने की जानकारी दी है। ID हैकिंग को लेकर बिलासपुर जोन के जोनल रिटर्निंग ऑफिसर नरेंदर कौर के सामने भी शिकायत की गई है। इस बीच ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया मंगलवार शाम तक चलनी है। युवा कांग्रेस की आधिकारिक चुनाव वेबसाइट पर चुनाव कार्यक्रम, वोटर लिस्ट और परिणाम से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

फर्जी वोटिंग के आरोपों की पुष्टि के लिए चुनावी ऐप का तकनीकी डेटा सबसे अहम होगा। किस मोबाइल नंबर से ID बनाई गई, किस नंबर पर OTP आया, किस डिवाइस से लॉगिन हुआ, एक डिवाइस से कितनी ID इस्तेमाल हुई और किस ID से किस समय वोट डाला गया। ये नंबर्स जांच होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

इससे जुड़ी एक अन्य खबर के मुताबिक, बिलासपुर समेत प्रदेश में यूथ कांग्रेस चुनाव के मतदान में महज एक दिन बाकी रहने पर आखिरी दिनों में वोटिंग 5 गुना तक बढ़ने के बाद चुनावी मुकाबले के साथ विवाद भी तेज हो गया है। बिलासपुर में फर्जी वोटिंग कराने के आरोपों वाला एक ऑडियो वायरल होने के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। ऑडियो में नेता पांडेय का नाम सामने आया है।

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