यूथ पावर रिपोर्ट में खुलासा:शिक्षा के मामले में रायपुर को 58, बिलासपुर को मिले 63 नंबर

बिलासपुर युवाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर देने में प्रदेश में आगे है, लेकिन यही बढ़त रोजगार तक नहीं पहुंच पा रही। यूथ पावर रिपोर्ट में शिक्षा के मामले में बिलासपुर को 63 अंक मिले हैं, जो रायपुर के 58 से 5 अंक ज्यादा हैं। इसके बावजूद रोजगार के मामले में जिले का स्कोर सिर्फ 32 है। यानी पढ़ाई में आगे बढ़ता बिलासपुर नौकरी के मोर्चे पर पीछे छूट रहा है। फ्यूचर ऑफ इंडिया फाउंडेशन की यूथ पावर रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में ग्रेजुएट महिलाओं की बेरोजगारी दर 25.4% और ग्रेजुएट पुरुषों की 12.4% है। वहीं, माध्यमिक स्तर तक पढ़े युवाओं में यह दर सिर्फ 2.8% है। यानी डिग्री लेने के बाद भी नौकरी मिलना आसान नहीं है। जिले का कुल यूथ पावर स्कोर 48/100 है। वहीं रोजगार कार्यालय के डेटा के अनुसार अगस्त 2026 तक 77,731 पंजीकृत युवा बेरोजगार हैं। छत्तीसगढ़ में डिग्री के बाद भी 4.7 लाख युवा बेरोजगार छत्तीसगढ़ के रोजगार कार्यालयों में 31 जनवरी तक 15.79 लाख शिक्षित बेरोजगार दर्ज थे। इनमें करीब 30% यानी 4.7 लाख युवाओं के पास इंजीनियरिंग, एमबीए और बीएड जैसी प्रोफेशनल डिग्रियां हैं। विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, 2024-25 सत्र के अंत में रोजगार के इच्छुक 13,94,727 थे, जो 2025-26 में बढ़कर 15,79,178 हो गए। तकनीकी डिग्री के बाद भी 3.59 लाख खाली बैठे छत्तीसगढ़ के रोजगार कार्यालयों में बीई, बीटेक, आईटीआई और डिप्लोमा कर चुके 3,59,510 बेरोजगार दर्ज हैं। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. प्रवीण पाण्डेय, अर्थशास्त्री व पूर्व क्षेत्रीय अपर संचालक युवाओं को उद्योग से जोड़ना होगा बिलासपुर युवाओं को उद्योगों से जोड़ने की जरूरत युवाओं की समस्या सिर्फ बेरोजगारी नहीं, बल्कि रोजगार की गुणवत्ता भी है। पढ़ाई के बाद नियमित, सुरक्षित और बेहतर आय वाली नौकरियां नहीं मिल रही हैं। बिलासपुर में शिक्षा का स्कोर 63 है, लेकिन रोजगार का सिर्फ 32। जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों से निकलने वाले युवाओं को स्थानीय उद्योग, सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप, बैंकिंग, आईटी और दूसरे गैर-कृषि क्षेत्रों से जोड़ने की जरूरत है। उद्योगों, औपचारिक संस्थानों, कौशल प्रशिक्षण और नियमित नौकरियों का विस्तार होगा, तभी शिक्षा में मिली बढ़त रोजगार में बदल सकेगी।




