गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मल्टीपर्पज स्कूल पेंड्रा के असेंबली हॉल में पहली बार “महासंगम युवा संसद” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग स्कूलों, कॉलेजों और बाहरी संस्थानों से लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
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आयोजन के दौरान विधानसभा और लोकसभा की दो समितियों का गठन किया गया। प्रतिभागियों ने कई नेताओं की भूमिका निभाते हुए नीति-निर्माण और लोकतांत्रिक संवाद का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इससे बच्चों के आत्मविश्वास, वक्तृत्वकला और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि हुई।
पूर्व विधायक अमित जोगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को संसद की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

संवाद और शोध कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजन
कार्यक्रम में मुकेश दुबे, राकेश जालान, हरिहर चतुर्वेदी, अशोक शर्मा, हर्ष छाबरिया, रितेश फर्मानिया, पंकज तिवारी, संदीप जायसवाल, इक़बाल सिंह और रामजी श्रीवास सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
इस आयोजन के मुख्य संयोजक फाउंडर आनंद बजाज और उनके साथी विवान असनानी, अनन्या चतुर्वेदी, अनन्या दुबे, आर्ची अग्रवाल, आदित्य मलानी, माही मिश्रा, आदित्य फर्मानिया, श्यामंतक दुबे, श्रुति मोटवानी,
अंशुमान वैश्य, अंश तमरकार, अक्षत नामदेव, अक्षय प्रताप, तनमय केशरी, ज्ञान अग्रवाल, अमित राठौर, आयुष्मान शर्मा, अंशिका अग्रवाल, दिव्या चतुर्वेदी, प्रज्ञा चतुर्वेदी, धान्या गर्ग और प्रिंसी कोटवानी भी शामिल थे।
यह पहल जिले के युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनमें संवाद, नेतृत्व तथा शोध कौशल को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध हुई।

गुरुकुल योगाश्रम में नवीन छात्रावास-यज्ञशाला का शिलान्यास
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पतरकोनी गांव में गुरुकुल योगाश्रम में नवीन छात्रावास और दिव्य यज्ञशाला का शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन को वैदिक संस्कृति, शिक्षा और सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गुरुकुल योगाश्रम, जो श्रीमद् दयानन्द वेदार्ष महाविद्यालय न्यास के अंतर्गत संचालित है, यह शिलान्यास वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ। कार्तिक शुक्ल तृतीया, विक्रम संवत् 2082 को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
विद्वान आचार्यों, संत-महात्माओं, साधु-संन्यासियों, वैदिक विद्वानों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों की उपस्थिति में वैदिक विधि-विधान से छात्रावास एवं दिव्य यज्ञशाला की आधारशिला रखी गई। देश के विभिन्न प्रांतों से आए इन गणमान्य व्यक्तियों ने अपने प्रेरक उद्बोधन भी दिए।

इस अवसर पर मानव सेवा का भाव भी प्रमुख रहा। ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से 500 निर्धन एवं असहाय परिवारों को कंबल वितरित किए गए। गुरुकुल योगाश्रम वैदिक शिक्षा, योग-आधारित जीवन शैली और राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देता है।
यह नया छात्रावास विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं प्रदान करेगा।वहीं, दिव्य यज्ञशाला आध्यात्मिक साधना का केंद्र बनेगी। इस पहल से क्षेत्र में न केवल आध्यात्मिक संदेश प्रसारित होगा, बल्कि समाजसेवा की एक नई मिसाल भी कायम होगी।
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