दुर्ग में नौकरी के झांसे पर युवतियों से ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर युवतियों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पद्मनाभपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी खुद को ‘गुडवे इंडियन फैशन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताते थे। वे भर्ती और ट्रेनिंग के नाम पर हजारों रुपए वसूलते थे
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यह मामला तब सामने आया जब एक युवती ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह नौकरी की तलाश में थी। उसे अपनी सहेली से बोरसी स्थित कदम प्लाजा में ‘गुडवे इंडियन फैशन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी में भर्ती चलने की जानकारी मिली।

जॉब ऑफर का झांसा देकर युवतियों से लाखों की ठगी
युवती ने 9 अप्रैल को कंपनी के ब्रांच मैनेजर सत्यम पटेल और उनके सहयोगियों साहिल कश्यप व राम भरोष साहू से संपर्क किया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने शुरुआती तौर पर युवती और उसकी सहेलियों से ट्रेनिंग और रजिस्ट्रेशन के लिए 3-3 हजार रुपए लिए।
इसके बाद, ड्रेस, कंपनी नॉमिनी, आईडी कार्ड और इंश्योरेंस शुल्क के नाम पर प्रत्येक युवती से 46-46 हजार रुपए जमा कराए गए। जब नौकरी और ट्रेनिंग शुरू होने के बाद भी किसी को न तो नियुक्ति पत्र मिला और न ही वेतन, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

रेफरल बिजनेस के नाम पर युवतियों से लाखों की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी युवतियों को पहले अपनी कंपनी की वेबसाइट से उत्पाद खरीदने के लिए कहते थे। इसके बाद, उन्हें वही उत्पाद बेचने और नए लोगों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था। यह पूरा सिस्टम रेफरल बिजनेस के नाम पर ठगी का एक सुनियोजित जाल निकला।
दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि जांच के दौरान कंपनी की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाई गई। आरोपी युवतियों को फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से नौकरी और ट्रेनिंग का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तार आरोपियों में कवर्धा निवासी राम भरोष साहू (22 वर्ष), जबलपुर निवासी सत्यम पटेल (23 वर्ष) और बिलासपुर निवासी साहिल कश्यप (25 वर्ष) शामिल हैं। इन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं।
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