गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के नगर पंचायत मरवाही में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। महिलाओं ने इस मामले में मरवाही एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
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महिलाओं का आरोप है कि शराब दुकान के कारण उनके मोहल्ले में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके अलावा, शराबी महिलाओं से अभद्रता भी करते हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई बार शासन-प्रशासन से शराब दुकान हटाने की मांग कर चुकी हैं।
लेकिन अब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग जल्द पूरी नहीं की गई, तो वे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगी। उनका कहना है कि वे अपने मोहल्ले को शराबियों से मुक्त कराना चाहती हैं, ताकि उनके बच्चे सुरक्षित माहौल में पल-बढ़ सकें।

कोटमी कला में स्मार्ट कैमरे से भारी चालान
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमी कला में लगाया गया एक स्मार्ट कैमरा ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। पेंड्रा से कोरबा जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगे इस कैमरे के कारण पिछले 15 दिनों में हजारों रुपए के डिजिटल चालान कट चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों को इन चालानों की जानकारी तब मिली जब उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ मैसेज आने लगे। कई लोगों को 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपए तक के चालान मिले हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उनके पुराने वाहन की कीमत भी इतनी नहीं है, जितना चालान कट गया है।

कैमरे लगने की जानकारी नहीं थी- ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें कैमरे के लगने की जानकारी नहीं थी और न ही इसके उद्देश्य के बारे में बताया गया। वे रोजमर्रा की तरह खेतों या दुकानों पर जा रहे थे। उनका आरोप है कि विभाग को पहले सूचना देनी चाहिए थी। यदि मुनादी कराई जाती या बोर्ड लगाए जाते, तो वे अपने कागजात दुरुस्त कर लेते या हेलमेट पहनकर निकलते।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या तकनीकी नहीं, बल्कि सूचना के अभाव की है। नियमानुसार, किसी भी नए डिजिटल निगरानी तंत्र को शुरू करने से पहले स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें इस बारे में अंधेरे में रखा गया।
फिलहाल, घर से निकलते ही यह कैमरा सक्रिय हो जाता है और बिना हेलमेट या अधूरे कागजात पर तुरंत डिजिटल चालान काट रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

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