गोली लगने से पहले सालियों ने मम्मी बचाओ… मम्मी बचाओ…. की आवाज लगाई थी।
राजधानी रायपुर में 2 सालियों का मर्डर करने वाले जीजा का नया वीडियो सामने आया है। आरोपी सुसराल में फायरिंग के बाद मोवा स्थित अपोलो मेडिकल स्टोर पहुंचा। जहां उसने एक कस्टमर को गन दिखाकर चाबी मांगी और स्टोर में गोली भी चलाई। हालांकि इससे किसी को कोई नुक
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CCTV में फायरिंग के बाद कर्मचारी जान बचाकर भागते नजर आए। बताया जा रहा है आरोपी भागने की फिराक में था और गाड़ी की चाबी मांग रहा था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
जानिए उस रात हुआ क्या था
“मम्मी बचाओ…मम्मी बचाओ…जीजा गोली मार देगा…”
घर के अंदर चीखें गूंज रही थीं। मां सावित्री बाई दरवाजे के पास खड़ी रो-रोकर हाथ जोड़ रही, लेकिन सामने खड़ा जितेंद्र उर्फ जीतू ट्रिगर दबाता गया। कुछ ही सेकेंड में घर खून से भर गया और खिलेश्वरी की दोनों छोटी बहनें हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
रायपुर के मोवा बाजार इलाके में मंगलवार (5 मई) रात पारिवारिक विवाद खूनी वारदात में बदल गया। बच्ची से मिलने और वीडियो कॉल कराने को लेकर हुए विवाद में बाउंसर जीतेंद्र वर्मा ने अपनी दो सालियों गीतांजलि वर्मा और दुर्गेश्वरी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें दोनों की मौत हो गई।

आरोपी जितेंद्र गन लेकर मेडिकल स्टोर पहुंचा, जहां उसने गोलियां भी चलाई।
घटना के समय दोनों की मां सावित्री बाई भी घर में मौजूद थीं। उनका आरोप है कि दामाद ने उनकी आंखों के सामने दोनों बेटियों को मार डाला। वहीं आरोपी की पत्नी और मृतक बहनों की बड़ी बहन खिलेश्वरी ने पति पर मारपीट, शराबखोरी और बहनों के साथ छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोपी की पत्नी और सास ने उसे सजा दिलाने की मांग की है।
घर की दीवारों पर पहले भी गोली चला चुका था आरोपी
डबल मर्डर के बाद आरोपी की पत्नी खिलेश्वरी ने जो कहानी सुनाई, उसमें डर, गुस्सा और सालों से दबा हुआ दर्द है।
खिलेश्वरी ने बताया कि उसकी शादी साल 2020 में जीतेंद्र से हुई थी। शादी के बाद दोनों मोवा इलाके में उसकी मां के घर के पास किराए के मकान में रहने लगे। शुरुआती 3 साल सबकुछ ठीक रहा, लेकिन नौकरी छूटने के बाद जीतेंद्र पूरी तरह बदल गया।
वो शराब पीने लगा। छोटी-छोटी बात पर मारपीट करता था। मेरे कैरेक्टर पर शक करता था, जबकि वो खुद गलत था। खिलेश्वरी के मुताबिक, आरोपी सिर्फ हिंसक नहीं था, उसकी नीयत भी खराब थी।

सालियों से छेड़खानी भी कर चुका है आरोपी
खिलेश्वरी ने कहा मेरी दोनों बहनों के साथ भी छेड़खानी कर चुका था। लेकिन पति समझकर मैं सब सहती रही। किसी को कुछ नहीं बताया। लगा शायद सुधर जाएगा, लेकिन उसकी हरकतें बढ़ती गईं।
उसने बताया कि एक महिला भी आरोपी की छेड़खानी की शिकायत लेकर उसके पास पहुंची थी। आरोपी पहले भी दो बार घर की दीवार पर गोली चला चुका था और कई बार गन दिखाकर धमका चुका था।
5-6 दिन पहले भी उसने बंदूक तानी थी। मैं डर गई थी। बच्ची को लेकर उरकुरा में अपनी बहन के घर चली गई, लेकिन उसने मेरी बहनों को ही खत्म कर दिया। मैं चाहती हूं कि उसे फांसी हो।

गोली लगते ही खून से लथपथ दोनों बहनें गिर पड़ी।
मेरी बच्चियों को छोड़ मुझे ही मार देता – मां
मां सावित्री बाई ने घटना वाली रात का मंजर बताया और रो पड़ी। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात करीब 10 बजे जीतेंद्र घर पहुंचा और पत्नी खिलेश्वरी को बुलाने के साथ वीडियो कॉल पर अपनी 16 महीने की बेटी से बात कराने की जिद करने लगा।
मैंने उसे डांटा था…कहा था कि तू रोज विवाद करता है, मारपीट करता है। अब यहां क्यों आया है? लेकिन जीतेंद्र नहीं माना। उसने कहा कि वह सिर्फ बेटी को देखना चाहता है और फिर चला जाएगा।
सावित्री बाई ने बताया कि खिलेश्वरी घर पर नहीं है, वह उरकुरा में अपनी बहन के यहां गई हुई है। इसके बावजूद जीतेंद्र जबरदस्ती घर के अंदर घुस गया। उस वक्त हॉल में गीतांजलि सो रही थी। उसने भी जीतेंद्र से कहा कि दीदी घर पर नहीं है। लेकिन वीडियो कॉल को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

आरोपी ने कमर से बंदूक निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग की।
अचानक कमर से बंदूक निकाली और सीधे तान दी…”
सावित्री बाई ने बताया, अगले ही पल गोली चलने की आवाज आई और गीतांजलि जमीन पर गिर पड़ी। मैं अंदर भागने लगी, लेकिन उसने दरवाजा बंद कर दिया। अंदर से लगातार गोलियों की आवाज आ रही थी।
कुछ देर बाद दूसरी बेटी दुर्गेश्वरी छत से नीचे आई। जैसे ही उसने बहन को खून से लथपथ देखा, वह चीख पड़ी। लेकिन जीतेंद्र ने उस पर भी गोली चला दी। गोली उसकी गर्दन के पास लगी और वह वहीं गिरकर तड़पने लगी।
मेरी दोनों बेटियां मेरे सामने तड़प रही थीं… मैं हाथ जोड़ती रही… लेकिन वो नहीं रुका…” वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। पीछे सिर्फ गोलियों की आवाज, खून से सना घर…और एक मां की जिंदगीभर की चीख छोड़ गया।


VIP सिक्योरिटी के नाम पर मिला लाइसेंसी हथियार
मोवा डबल मर्डर केस में आरोपी जीतेंद्र वर्मा के पास लाइसेंसी पिस्टल होना अब जांच का बड़ा मुद्दा बन गया है। पुलिस के मुताबिक, जीतेंद्र ने साल 2020 में गन लाइसेंस लिया था, जो 30 दिसंबर 2026 तक वैध है। उसने वीआईपी सिक्योरिटी और निजी सुरक्षा जरूरत बताकर हथियार का लाइसेंस हासिल किया था।
लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि जिस व्यक्ति पर घरेलू विवाद, मारपीट और हिंसक व्यवहार के आरोप पहले से थे, उसे आखिर हथियार का लाइसेंस कैसे मिल गया?
दरअसल, किसी भी व्यक्ति को गन लाइसेंस देने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन किया जाता है। आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड, मानसिक स्थिति, स्थानीय थाने की रिपोर्ट और हथियार रखने की जरूरत जैसे पहलुओं की जांच होती है। इसके बाद जिला दंडाधिकारी यानी कलेक्टर स्तर से लाइसेंस जारी किया जाता है।
हथियार साथ लेकर चलता था आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जीतेंद्र ने खुद को वीआईपी सिक्योरिटी से जुड़ा बताकर लाइसेंस लिया था। वह पेशे से बाउंसर था और अक्सर हथियार साथ लेकर चलता था।
अब इस हत्याकांड के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या लाइसेंस जारी करते समय उसके बैकग्राउंड की गंभीरता से जांच हुई थी? क्योंकि परिवार का दावा है कि आरोपी पहले भी घर की दीवार पर गोली चला चुका था और कई बार गन दिखाकर धमका चुका था।
घटना के बाद पुलिस अब जिले में जारी गन लाइसेंस की समीक्षा की बात कह रही है। अधिकारियों का कहना है कि मानसिक रूप से अस्थिर, हिंसक प्रवृत्ति या गंभीर विवादों में शामिल लोगों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।
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बाउंसर ने अपनी 2 सालियों को गोली मारी।
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