बिलासपुर में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शहर के 6000 पालतू कुत्तों का टीकाकरण किया जाएगा, जबकि जिले के 21 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी होगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन
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कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक हुई। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के सुओमोटो पीआईएल प्रकरण क्रमांक 05/2025 के तहत पेट शॉप और श्वान प्रजनन केंद्रों के पंजीकरण के निर्देश दिए गए। सभी डॉग ब्रीडर और पेट शॉप संचालकों को पशुधन विकास विभाग द्वारा निर्धारित आवेदन प्रपत्र 15 दिसंबर तक पूरा करने को कहा गया है।
बैठक में बताया गया कि शहर में कुल 6000 पालतू कुत्ते हैं। इनके एंटी-रेबीज टीकाकरण के लिए नगर निगम आयुक्त बिलासपुर के समन्वय से एक संयुक्त दल का गठन किया जाएगा, जो वार्डवार टीकाकरण करेगा। इसके अतिरिक्त, बिलासपुर जिले में 21 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर 15 दिसंबर तक नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने चरवाहों और पंचायतों को पशु प्रबंधन के दिए सुझाव
इसी क्रम में, हाईकोर्ट द्वारा पीआईएल क्रमांक 58/2019 के अंतर्गत घुमंतू पशुओं के समुचित व्यवस्थापन और सांडों के सघन बधियाकरण को अपनाने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने इस संबंध में ग्रामीण किसानों से ग्राम पंचायत स्तर पर चरवाहों द्वारा पशुओं की चराई और शासकीय भूमि में चारागाह के लिए पंचायतों द्वारा हरा चारा उत्पादन किए जाने का सुझाव भी दिया।
कलेक्टर ने कहा कि पैरा (पराली) इकट्ठा करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए किसानों को दैनिक मजदूरी पर लोगों से पैरा संग्रहण कराने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला पंचायत द्वारा खरीदी गई बेलर मशीन का इस्तेमाल करके गोधन केंद्रों में पैरा एकत्रित किया जाए।
बैठक में निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, वेटेरिनरी विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. जी.एस. तंवर, गौशाला अध्यक्ष, डॉग ब्रीडर, पेट शॉप प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
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