छत्तीसगढ़ के धमतरी नगर निगम के बाहर विपक्षी पार्षदों के धरने के दूसरे दिन हंगामा हो गया। प्रशासन और पुलिस की टीम धरना स्थल पर लगे टेंट को हटाने पहुंची, जिसके बाद पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया और हटने से इनकार कर दिया।
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विपक्षी पार्षद सात मुद्दों को लेकर नगर निगम के बाहर सात दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वे निगम में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगा रहे हैं। यह घटना धरने के दूसरे दिन हुई, जब पार्षद नारेबाजी कर रहे थे। प्रशासनिक टीम और पुलिस बल के पहुंचने पर पार्षदों ने सवाल उठाया कि उन्हें क्यों हटाया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने बताया कि उन्होंने एसडीएम से अनुमति के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद एक बैठक आयोजित की गई और पंडाल लगाकर प्रदर्शन शुरू किया गया था। उन्होंने प्रशासन पर बलपूर्वक हटाने का आरोप लगाया।

महापौर डरकर चले जाते हैं रायपुर- नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि महापौर डर रहे हैं और अक्सर दोपहर बाद रायपुर चले जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समय आने पर महापौर को भी ‘उखाड़ फेंका जाएगा’। उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने भी पुष्टि की कि तहसीलदार सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी धरना स्थल से टेंट हटाने के लिए दबाव बना रहे थे।

कांग्रेस खो चुकी है नेतृत्व- महापौर
महापौर रामू रोहरा ने कहा मुद्दा विहीन कांग्रेस कहने के लिए करने के लिए कुछ नहीं कोई काम दिख नहीं रहा है और किसी प्रकार के आरोप लगा नहीं पा रहे हैं। मुद्दा नहीं होने के बाद ऐसा कृत्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महापौर क्यों डरेगा बैठिए स्वागत है जिनके लिए चाय पानी भी भिजवाया जाएगा। काम कुछ है नहीं अपने नेतृत्व को खो चुके हैं। राहुल गांधी, भूपेश बघेल, नगर निगम से विजय देवांगन उखड़ गए तो उनके पास सिर्फ तंबू ही बचता है।
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