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एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की आमगांव खुली खदान के विस्तार कार्य को लेकर शनिवार को पटना गांव में तनाव की स्थिति बन गई। जैसे ही प्रबंधन ने अधिग्रहित भूमि पर पेड़ों की कटाई शुरू की, सरपंच की अगुआई में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों से झूमाझटकी हुई।
जानकारी के अनुसार, आमगांव खदान विस्तार के लिए ग्राम पंचायत पटना की करीब 928 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसके 285 खातेदार थे। प्रबंधन ने इसके बदले 464 लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। अब तक 120 लोगों को नौकरी दी जा चुकी है, जबकि 100 से अधिक मामलों की प्रक्रिया जारी है। मुआवजे की बात करें तो 81 करोड़ में से 71 करोड़ का भुगतान 303 भू-स्वामियों को किया जा चुका है। शेष 52 मामलों में पारिवारिक विवाद और दस्तावेजी खामियों के कारण भुगतान रुका हुआ है। शनिवार को प्रबंधन और लैंड-रेवेन्यू अधिकारी चिह्नांकन कर जैसे ही पेड़ कटाई शुरू कर रहे थे, ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि त्रिपुरा बटालियन के जवानों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया और स्थिति बिगड़ गई।
वहीं, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी अमरेंद्र नारायण सिंह ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीण जानबूझकर कार्य में बाधा डाल रहे हैं और दबाव बनाने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खदान विस्तार कार्य पूरी तरह नियमों के अनुसार चल रहा है। मामले की सूचना मिलते ही प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से चर्चा कर पूरे विवाद की जानकारी ली। इस बीच, प्रबंधन ने सरपंच पर ग्रामीणों को उकसाने का आरोप लगाया है। फिलहाल, पटना गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को तैनात किया गया है।
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