छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जगदलपुर-धमतरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसे में दो ट्रकों की जोरदार टक्कर हो गई। इस घटना के बाद सड़क के दोनों ओर लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हालांकि, दोनों ट्रकों के ड्राइवर और कंडक्टर सुरक्षित बताए जा रहे हैं,
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यह हादसा कल सुबह करीब 4 बजे हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रकों के सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी सड़क पर लगे जाम को हटाने और यातायात को सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं, वाहनों को बारी-बारी से निकाला जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, एक ट्रक जगदलपुर की ओर से आयरन गिट्टी भरकर धमतरी आ रहा था, जबकि दूसरा ट्रक धमतरी से सीमेंट लेकर जगदलपुर की ओर जा रहा था। टक्कर के ठीक पीछे चल रहे अन्य वाहन भी टकराने से बाल-बाल बच गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अटल आवास में सीढ़ी गिरी
धमतरी में अटल आवास की सीढ़ी ढहने से एक मां और उसकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आसपास के लोगों ने उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। यह घटना धमतरी जिले के सोरीद वार्ड के डिपो पारा स्थित अटल आवास में हुई।
सीढ़ी गिरने से एक महिला और उसकी मासूम बेटी मलबे में दब गईं। स्थानीय निवासियों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायल मां-बेटी को जिला अस्पताल भेजा। अटल आवास के निवासियों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत करने के बावजूद मरम्मत नहीं
उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद मरम्मत के लिए कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे वे लगातार खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं। वे आवास की तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं। घायल महिला की सास कंचन सेन ने बताया कि उनकी बहू रुचि सेन (35) और तीन वर्षीय पोती आरुषि सेन सीढ़ी ढहने से घायल हुई हैं।
बेटी को गोद उतरी रही थीं
रुचि अपनी बेटी को गोद में लेकर काम पर जाने के लिए नीचे उतर रही थीं, तभी सीढ़ी अचानक गिर गई और दोनों मलबे में दब गईं। कंचन सेन ने यह भी बताया कि अटल आवास के सभी घर जर्जर हो चुके हैं और आए दिन कुछ न कुछ हिस्सा ढहता रहता है, जिससे यहां रहने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ है।
सीढ़ी ढहने के बाद अब लोग छत पर जाने के लिए लोहे की अस्थायी सीढ़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई अधिकारी निरीक्षण के लिए आए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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