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बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की बढ़ती वारदातों पर कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अंतरजिला चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है। पुलिस ने लगभग 10 लाख 80 हजार रुपए की
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दरअसल, साइबर सेल टीम ने जिले और आसपास के इलाकों में हुई मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं का तकनीकी विश्लेषण किया। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद टीम ने दो अलग-अलग गिरोहों के आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों ने बलौदाबाजार-भाटापारा और रायपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया है।
इंजन-चेसिस नंबर मिटा देते थे चोर
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी 2022 से पेशेवर तरीके से मोटरसाइकिल चोरी कर रहे थे। चोरी के बाद वे वाहनों की नंबर प्लेट बदलते थे और इंजन-चेसिस नंबर मिटा देते थे। पहचान छिपाने के लिए वाइजर और मडगार्ड बदलकर उन पर ‘किंग ऑफ हिरमी’ या ‘कातिल एके-47’ जैसे नाम भी लिखवाते थे। इसके बाद इन मोटरसाइकिलों को अन्य जिलों में बेच दिया जाता था।
पहले भी बाइक चोरी के दर्ज हैं केस
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टिकेश्वर उर्फ राजा यादव (20), योगेश यादव उर्फ सर्किट (18), भानु वर्मा (19) और एक विधि से संघर्षरत बालक के रूप में हुई है। इनमें से कई के खिलाफ पहले भी मोटरसाइकिल चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस चोरी की गई मोटरसाइकिल खरीदने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
वाहनों की पहचान बदलकर बेचते थे
एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह ने बताया, साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच की। इससे दो अंतरजिला गिरोहों का पता चला, जो व्यवस्थित तरीके से चोरी करके वाहनों की पहचान बदलकर उन्हें बेच रहे थे। हमने 17 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन लोगों ने जानबूझकर चोरी की गाड़ियां खरीदी हैं, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की नजर ऐसे अपराधियों पर बनी रहेगी।”
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