गंगरेल से होकर बालोद लौटा दंतैल हाथी।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के गंगरेल क्षेत्र में पिछले एक हफ्ते से दिखाई दे रहा दंतैल हाथी अब बालोद जिले में प्रवेश कर चुका है। शनिवार (4 अक्टूबर) सुबह गुरुर वन परिक्षेत्र के कई गांवों में हाथी के पैर के निशान दिखाई दिए है।
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देर रात हाथी ग्राम अलोरी के आसपास घूमता देखा गया। इसके बाद रविवार सुबह करीब 9 बजे बोरिदकला वन परिसर में हाथी की मौजूदगी की पुष्टि की। वन विभाग ने 30 गांवों के ग्रामीणों को अलर्ट किया है।

बोरिदकला वन परिसर में घूम रहा हाथी।
गंगरेल में घूमने के वीडियो भी सामने आए थे
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह वही दंतैल हाथी है जो 7 सितंबर को महामाया क्षेत्र से बालोद पहुंचा था। दो दिन रुकने के बाद यह गुरुर होते हुए धमतरी जिले के गंगरेल क्षेत्र चला गया था।
गंगरेल में सड़कों पर घूमते इसके कई वीडियो भी सामने आए थे। अब यह हाथी दोबारा बालोद की सीमा में लौट आया है और संभावना है कि यह डौंडी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ सकता है।
30 गांवों में अलर्ट, मुनादी कराई गई
वन विभाग के अनुसार आमापानी, बोरिदकला, मुड़खुसरा, कर्रेझर, नैकुरा, बालोदगहन, जगतरा और सोहतरा गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एक दिन पहले मुश्केरा, अलोरी, भैंसमुड़ी, पोंड, मुजालगोदी, कंकालीन, मरकाटोला, नागबेलडीह, कर्रेझर, नैकुरा और अमलीपारा में मुनादी कराई गई थी।
अब डौंडी क्षेत्र में मुनादी जारी है, ताकि हाथी के उस दिशा में बढ़ने की स्थिति में ग्रामीणों को पहले से सतर्क किया जा सके। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल की ओर न जाएं। सतर्क रहें और हाथी दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
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