पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में स्वयं को वैद्य साबित करना होगा जो अन्यायपूर्ण है। चुनाव आयोग ने इस एसआईआर की प्रक्रिया में मतदाताओं पर यह जिम्मेदारी डाली है कि वे स्वयं को वैद्य साबित करें।
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प्रदेश में शुरू हुए SIR को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में विशेष प्रशिक्षण कार्याशाला का आयोजन किया गया। इसमें सरगुजा जिले के सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ सांगठनिक ब्लॉक अध्यक्ष एवं वहां नवगठित मंडलों के अध्यक्षों सहित कांग्रेस के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस प्रशिक्षण सत्र में SIR के प्रत्येक पहलुओं को सूक्ष्मता से समझाते हुए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया।

प्रशिक्षण में उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता
कांग्रेस के बूथ एजेंट तैयार, सक्रियता के निर्देश कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि कांग्रेस ने सरगुजा जिले के 787 मतदान केन्द्रों में शतप्रतिशत पार्टी के बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति कर दी है। प्रशिक्षण में मौजूद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और मण्डल अध्यक्षों को उन्होंने निर्देशित किया कि बूथ लेवल एजेंट को जनहित में SIR की प्रक्रिया में पूर्ण सक्रियता के साथ मतदाताओं की सहायता करने को तत्पर और तैयार रहना है।
कांग्रेस प्रवक्ता अनूप मेहता ने बताया कि वर्ष 2003 के विशेष पुनरीक्षण में तैयार मतदाता सूचि में अगर किसी मतदाता का या उसके माता-पिता का नाम है तो उसे किसी और दस्तावेज को गणना प्रपत्र के साथ देने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे में 2003 में दर्ज नाम का एक्सट्रैक्ट निकाल कर उसे गणना प्रपत्र के साथ संलग्न करना ही पर्याप्त रहेगा। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया समझाई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलेभर से कांग्रेस कार्यकर्ता एवं बीएलओ शामिल हुए और एसआईआर की बारीकियां सीखी।
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