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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आवारा कुत्तों के प्रबंध व रैबीज नियंत्रण को लेकर दुर्गूकोंदल जनपद पंचायत में एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया। इसमें 35 ग्राम पंचायत के सचिव, 97 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 2 रोजगार सहायक व 1 वनरक्षक व 1 सेल्समेन प्रशिक्षण में शामिल हुए।
जनपद सीईओ सुरेंद्र कुमार बंजारे एवं करारोपण अधिकारी आरके किशोरे मैदानी अमले को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने कहा। पशुधन विकास विभाग की डॉ. अल्का ठाकुर, डॉ. राहुल ठाकुर एवं डॉ. संध्या ठाकुर ने आवारा कुत्तों के वैज्ञानिक प्रबंधन, नसबंदी, टीकाकरण, कुत्तों के व्यवहार तथा रैबीज रोग के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया समय पर रैबीज टीकाकरण न होने पर यह रोग मनुष्य के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए कुत्तों के साथ-साथ काटे गए व्यक्ति का तत्काल उपचार आवश्यक है।
प्रदान व सहभागी संस्था के युवराज नागराज, जय कुलदीप ने ग्रामीण स्तर पर समुदाय की भूमिका, जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित रखने के उपाय तथा कुत्तों के प्रति व्यवहार पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आवारा कुत्तों का प्रबंधन हिंसा से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक एवं मानवीय तरीकों से किया जाना चाहिए। कार्यक्रम उपस्थित लोगों को अपने-अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में प्राप्त जानकारी का उपयोग करते हुए ग्रामीणों को जागरूक करेंगे और रैबीज नियंत्रण एवं आवारा कुत्तों के प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने कहा।
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