छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने टोयोटा कंपनी को 61.46 लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह आदेश इनोवा कार के दुर्घटनाग्रस्त होने पर एयरबैग न खुलने के कारण दिया गया है, जिसे आयोग ने विनिर्माण दोष (मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट) माना है। यह राशि कोरब
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दरअसल, सुमित अग्रवाल अपने भाई सुमित अग्रवाल की इनोवा कार से रायपुर से कोरबा लौट रहे थे। इस दौरान एक वाहन को बचाने के चक्कर में उनकी गाड़ी पलट गई। लेकिन कार का एयरबैग नहीं खुला। इस हादसे में अमित अग्रवाल को गंभीर चोटें आईं और इलाज के लिए करीब 36.83 लाख रुपए खर्च हुए थे।

जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, सीतामढ़ी के रहने वाले सुमित अग्रवाल रोड कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। इसके अलावा उनके अलग-अलग दुकान भी है। 22 अप्रैल 2023 वो अपने भाई सुमित अग्रवाल के साथ रायपुर गए थे। 23 अप्रैल को वापस लौटने के दौरान ग्राम तरदा के पास सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में कार पलटकर पेड़ से टकरा गई।
एयरबैग नहीं खुलने के कारण सुमित अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज रायपुर और हैदराबाद में चला। इस दौरान उनके 36.83 लाख रुपए खर्च हुए। बाद में भाई सुमित ने इनोवा कार के निर्माता टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी के खिलाफ कोरबा उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।


कंपनी और बीमा पक्ष की दलील
जिला आयोग के एकपक्षीय आदेश के खिलाफ टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग, बिलासपुर में अपील की। कंपनी के एडवोकेट ओम कुकरेजा ने एकपक्षीय फैसले पर आपत्ति जताई, जबकि बीमा कंपनी ने कार की मरम्मत के लिए डीलर को 12 लाख रुपए दिए थे।
विशेषज्ञ की रिपोर्ट पेश नहीं की गई
जबकि एयरबैग न खुलने के संबंध में कोई विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं ली गई थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद राज्य उपभोक्ता आयोग ने टोयोटा कंपनी के तर्कों को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने अपने फैसले में सर्वेयर रिपोर्ट, कार डैमेज और अमित अग्रवाल की गंभीर चोटों को आधार मानते हुए कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद एक भी एयरबैग का न खुलना कार में विनिर्माण दोष को दर्शाता है।

30 दिनों में मुआवजे का आदेश
राज्य उपभोक्ता आयोग ने 28 नवंबर 2025 को दिए गए फैसले में टोयोटा कंपनी को आदेश दिया कि वह 30 दिनों के भीतर सुमित अग्रवाल को नई इनोवा कार या उसकी कीमत 23.83 लाख रुपए, इलाज पर खर्च हुई 36.53 लाख रुपए की राशि, शारीरिक और मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपए और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपए का भुगतान करे।
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