![]()
तोमर ब्रदर्स के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की है 7 FIR, परिवार के सदस्यों को भी फंसाने का आरोप।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने रायपुर में ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के केस में हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर की पत्नी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को अग्रिम जमानत दे दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले से तोमर बंधु और परिवार के सदस्यों को बड़ी राहत मिली है। याचिका
.
दरअसल, रायपुर के तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में वीरेंद्र तोमर और उसके भाई रोहित तोमर पर एक्सटॉर्शन और सूदखोरी का केस दर्ज किया गया है। मामले में जब पुलिस ने उनके घर में दबिश दी थी, तब कैश, चेक और जमीनों के दस्तावेज मिले थे। पुलिस ने जांच के बाद दावा कि मामला आर्गेनाइज क्राइम से जुड़ा हुआ है। लिहाजा, पुलिस ने तोमर बंधुओं के खिलाफ अलग-अलग 7 FIR दर्ज कर सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी।
फरार तोमर ब्रदर्स पर इनाम घोषित इस कार्रवाई के दौरान वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पुलिस की गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, रोहित ने अपनी पत्नी भावना के नाम से ऑफिस खोला था। जहां से सूदखोरी का धंधा ऑपरेट करता था। घटना के बाद से पुलिस दोनों भाइयों की तलाश करती रही। साथ ही दोनों हिस्ट्रीशीटर भाइयों की जानकारी देने पर रायपुर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया है।
पत्नी और परिवार के सदस्यों को बनाया आरोपी फरार रोहित तोमर को जब पुलिस ने पकड़ नहीं पाई, तब उसकी पत्नी भावना तोमर को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि पुलिस ने भावना के साथ ही वीरेंद्र की पत्नी व परिवार के सदस्यों को आर्गेनाइज क्राइम जैसे गंभीर अपराधों में लपेट कर आरोपी बना दिया। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद पत्नी और परिवार के सदस्यों को कोर्ट से जमानत मिल गई।
आर्गेनाइज क्राइम में फंसाने का आरोप, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत तोमर बंधु की पत्नी व परिवार के सदस्यों की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद वर्मा के माध्यम से दायर याचिका में बताया गया कि साधारण मारपीट के केस को पुलिस ने आर्गेनाइज क्राइम बना दिया है। इस मामले में रोहित के खिलाफ केस दर्ज किया गया। लेकिन, इसके बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों को टारगेट किया और जिन लोगों ने 8-10 साल पहले कर्ज लिया था। उन्हें बुला-बुलाकर परिवार के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की गई। याचिका में याचिकाकर्ताओं पर फर्जी केस दर्ज करने का आरोप लगाते हुए अग्रिम जमानत देने का आग्रह किया गया। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की बेंच में हुई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं को अग्रिम जमानत दे दी है।
तोमर बंधुओं को मिली बड़ी राहत पूर्व एडवोकेट जनरल सतीश चंद वर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद तोमर बंधुओं को बड़ी राहत मिली है। इस फैसले के आधार पर रोहित तोमर व उसके भाई को भी अग्रिम जमानत मिल सकती है। या तो दोनों भाइयों को कोर्ट से जमानत ले सकते हैं या फिर सुप्रीम कोर्ट से बेल मिल सकती है।
<
