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शहर की जनसंख्या भले ही तेजी से बढ़कर 2 लाख के करीब पहुंच गई हो, लेकिन विकास की रफ्तार में खेल और फिटनेस से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं पीछे छूटती नजर आ रही हैं। पूरे शहर में खेल मैदान के नाम पर मात्र एक ही स्टेडियम उपलब्ध है, जिसके चलते युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को अभ्यास व सैर के लिए भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के एकमात्र स्टेडियम में भी समय और स्थान की सीमितता के कारण सभी खेल प्रेमियों को अभ्यास का मौका नहीं मिल पाता है। खासकर क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों से जुड़े युवाओं को पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है। स्टेडियम पर अधिक दबाव के चलते प्रतिभाओं को निखरने का पूरा मौका नहीं मिल पा रहा है। केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी मैदान और ट्रैक की कमी से प्रभावित हैं। सुबह और शाम टहलने के लिए निकलने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सार्वजनिक पार्कों और वॉकिंग ट्रैक की कमी के कारण उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कई लोग सड़कों या तंग गलियों में टहलने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। मैदान की कमी के कारण आम नागरिक व्यायाम और सैर के लिए सुबह-शाम स्कूल व कॉलेज के मैदानों का इस्तेमाल करने को विवश हैं। पीजी कॉलेज का मैदान इस मामले में लोगों के लिए एक मात्र विकल्प है जो आमतौर पर उपलब्ध रहता है। वहीं, हायर सेकेंडरी स्कूलों के परिसर बंद रहने के कारण आम लोग उनका ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। शहर के समग्र विकास के लिए जल्द से जल्द नए खेल मैदान और सार्वजनिक वॉकिंग ट्रैक बनाने की आवश्यकता है।
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