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ग्राम विकास समिति कन्नेवाड़ा के अध्यक्ष रामनारायण टांडिया (44 वर्ष) ने सोमवार रात 12 बजे साल्हेटोला-धरमपुरा के बीच अपनी कार को रोककर सड़क किनारे कुछ दूर जाकर पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कार में बेटी भी सवार थी। जिन्होंने इस घटना की जानकारी अपने बड़े पिता को दी। इस घटना के बाद तनाव की स्थिति रही।
दरअसल मंगलवार को पोस्टमार्टम कराकर पिकअप में शव लेकर पहुंचे परिजनों, ग्रामीणों व कांग्रेसियों ने बालोद थाने के सामने दोपहर 1.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक 3 घंटे तक हंगामा कर दिया। हंगामा करने वाले लोगों का आरोप है कि रामनारायण ने 17 अक्टूबर को अपनी बेटी को परेशान करने वाले एक युवक के खिलाफ बालोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी बावजूद गिरफ्तारी नहीं हुई। जिससे रामनारायण तनाव में रहता था। थाने के सामने प्रदर्शन कर रहे पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि शिकायत के बाद पुलिस को एक्शन लेना था लेकिन देरी हुई।
युवक ने बेटी को जान से मारने की धमकी दी थी परिजनों के अनुसार रामनारायण पिछले एक माह से अपनी बेटी को कार में रोज दुर्ग कॉलेज छोड़ने जा रहे थे और घर ला रहे थे। दरअसल बेटी के साथ पढ़ाई करने वाले एक युवक ने जान से मारने की धमकी दी थी। जिससे परिवार के सभी सदस्य परेशान थे।
युवक के खिलाफ शिकायत कर कार्रवाई करवाने थाने, पुलिस प्रशासन के चक्कर लगा रहे थे। मृतक के बड़े भाई लक्ष्मी नारायण टांडिया ने बताया कि भतीजी को कॉलेज से लेकर लौटने के दौरान उनका भाई तनाव में था। इस दौरान वह दुर्ग कॉलेज से लौटने के दौरान साल्हेटोला-धरमपुरा के बीच वह कार से उतरा और फांसी लगा ली। रात 12 बजे हम घटना स्थल पहुंचे। उसके बाद रात 3 बजे जिला अस्पताल के मरच्यूरी शव लाकर रखा गया। लक्ष्मी नारायण टांडिया ने बताया कि बेटी को रामनारायण एमएससी की पढ़ाई पूरी कराकर दुर्ग में बीएड कोर्स करवा रहा था। कॉलेज में साथ पढ़ने वाला युवक उसे परेशान कर रहा था।
कई जगहों पर दबिश दी पर आरोपी नहीं पकड़ाया बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा का कहना है कि उनकी टीम ने कई जगहों पर दबिश दी। लेकिन आरोपी भाग निकला। उसके मोबाइल नंबरों को भी ट्रेस किया गया। जल्द ही आरोपी को ढूंढ कर गिरफ्तार करेंगे। बहरहाल ऐसे में स्थिति बिगड़ रही है।
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