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बिलासपुर| प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य शाखा राजयोग भवन, टेलीफोन एक्सचेंज रोड में माउंट आबू के ब्रह्माकुमार संजय के सान्निध्य में योग साधना सत्र हुआ। बीके संजय ने कहा कि मानव जीवन का वर्तमान समय अत्यंत मूल्यवान है। यह केवल भौ
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यदि हर क्षण को ईश्वर की स्मृति में बिताया जाए, तो जन्म-जन्मांतर का कल्याण सुनिश्चित हो जाता है। व्यर्थ बोल–व्यर्थ विचार-व्यर्थ कर्म को छोड़कर श्रेष्ठ चिंतन और सृजनशील कार्यों में समय लगाना चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे हनुमान जी अपनी अपार शक्तियों को भूल गए थे, और स्मृति दिलाने पर असंभव कार्य भी कर दिखाए, उसी प्रकार हर मनुष्य में दिव्य शक्तियां मौजूद हैं, परंतु स्मृति के अभाव में वे सुप्त पड़ी रहती हैं। राजयोग साधना आत्मा को उसकी मूल पहचान देकर इन शक्तियों की स्मृति कराती है। बीके संजय ने बताया कि हर विचार एक ऊर्जा है।
नकारात्मक, शिकायतपूर्ण या क्रोधपूर्ण विचार आत्मिक ऊर्जा को नष्ट कर देते हैं, जबकि शुभ संकल्प आत्मा को पुनः शक्तिशाली बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन का वास्तविक धन उसकी विचार-शक्ति है। अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि अनेक चुनौतियां आने के बावजूद उन्होंने हर परिस्थिति में ईश्वर पर निश्चय बुद्धि बनाए रखी, जिससे हर कठिनाई सहज बनती गई। हर परिस्थिति में विश्वास बनाए रखना ही सच्ची विजय है। इस अवसर पर माउंट आबू की ब्रह्माकुमारी कंचन ने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि जब सेवा भावना और ईश्वर की याद साथ जुड़ते हैं, तो हर कार्य सफलता में परिवर्तित हो जाता है। सेवाकेंद्र संचालिका बीके स्वाति ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम मन को शांति, शक्ति और स्थिरता प्रदान करते हैं।
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