छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले में समुद्र से करीब 4019 फीट की ऊंचाई पर स्थित पंडरापाठ में शनिवार की रात न्यूनतम पारा 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंडरापाठ निवासी उलेश्वर भगत ने बताया, ‘हमने रविवार सुबह देखा कि खुले में रखी थाली में भरा पानी बर्फ में
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इस इलाके में ओस की बूंदें भी जम रही हैं। दिसंबर के पहले ही सप्ताह में इतनी सर्दी कई सालों बाद आई है। सामान्यतः ऐसे हालात 15 दिसंबर के बाद बनते हैं।’ कई जिलों में नगर निगम व स्थानीय प्रशासन ने रात में प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है। इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन तक प्रदेश के कई इलाकों मे शीतलहर चलेगी।
कई शहरों में न्यूनतम पारा सामान्य से 5.7 डिग्री तक नीचे
छत्तीसगढ़ में सर्दी ने इस हफ्ते अपने तेवर और कड़े कर लिए हैं। खासकर सरगुजा और दुर्ग संभाग में पारा सामान्य से काफी नीचे बना रहेगा। रायपुर और बिलासपुर संभाग में भी कहीं-कहीं पर शीतलहर चलने की संभावना है। इसकी वजह से सुबह और देर शाम ठिठुरन बढ़ सकती है। रायपुर में रविवार की सुबह ठिठुरन ज्यादा थी।
राजधानी का न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम है। बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री दर्ज हुआ, जो औसत सामान्य तापमान से 3.3 डिग्री सेल्सियस कम है।

ठिठुरन से बचने बाघ को भी अलाव का सहारा…

तस्वीर मैत्री बाग के सफेद बाघ सुल्तान के केज की है। उसे ठंड से बचाने रोज शाम 5:30 बजे से अलाव के जरिए गर्म रखा जा रहा है। निगरानी के लिए गार्ड भी है, ताकि आग पिंजरे तक न पहुंचे। अभी भिलाई में पारा 9 से 11 डिग्री के बीच चल रहा है।
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