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आकांक्षी ब्लॉक बोड़ला में सरकारी योजनाओं की हकीकत उस वक्त सामने आई, जब छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा यहां दौरे पर पहुंचे। ग्राम घोंघा स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में बच्चों को परोसी जा रही पानी जैसी दाल देखकर अध्यक्ष खुद हैरान रह गए। खास बात रही कि बोड़ला कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के तौर पर पुलिस टीम उनके काफिले में शामिल ही नहीं रही। बोड़ला कार्यक्रम के बाद पुलिस की फॉलो वाहन अध्यक्ष के काफिले में शामिल हुए।
निरीक्षण के दौरान जब अध्यक्ष शर्मा ने बच्चों संग भोजन करने जमीन पर बैठे, तो उन्हें भी वही थाली परोसी गई। थाली में पतली दाल देखकर अध्यक्ष शर्मा खासे नाराज हुए। उन्होंने मौके पर ही स्कूल प्रबंधन और प्रशासनिक अफसरों को फटकार लगाई। कहा कि इस स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में उन्होंने पाया कि जो मध्याह्न भोजन बच्चों को परोसी जा रही थी, उसमें दाल की मात्रा पात्रता के अनुरूप नहीं है। इस पर उन्होंने स्पष्ट नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के आदेश दिए हैं। निरीक्षण में आयोग के सदस्य सचिव राजीव जायसवाल, खाद्य निज सचिव डॉ. सूरज दुबे समेत प्रशासनिक अफसर शामिल रहे।
उचित मूल्य की दुकान में भी मिली लापरवाही तो भड़के इसके बाद अध्यक्ष शर्मा अचानक निरीक्षण में अमीन माता महिला स्व-सहायता समूह घोंघा की उचित मूल्य दुकान (पीडीएस) पहुंचे। यहां भी कई अनियमितताएं सामने आईं। न तो प्रदर्शन बोर्ड पर जरूरी जानकारी सही थी, न ही दुकान नियमित रूप से संचालित हो रही थी। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा पीडीएस दुकान में राशन भी एक साथ न पहुंचाकर किश्तों में भंडारण करते पाए गए। इस पर अध्यक्ष शर्मा ने संबंधित एजेंसी, विक्रेता और नागरिक आपूर्ति निगम के परिवहनकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
फोर्टिफाइड चावल के लाभ भी लोगों को बताएं, पारदर्शिता रखें खाद्य आयोग अध्यक्ष शर्मा ने फोर्टिफाइड चावल के लाभ और उपयोग की जानकारी आमजन तक पहुंचे, इसके लिए विस्तृत प्रचार-प्रसार करने कहा। उन्होंने एपीएल और बीपीएल के चावल को अलग रखने और शिकायतों के ऑनलाइन, पारदर्शी निराकरण पर जोर दिया। वहीं पूरक पोषण आहार, मध्याह्न भोजन और आश्रम-छात्रावासों को बीपीएल दर पर खाद्यान्न वितरण की समीक्षा करते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों का निराकरण करने के लिए गंभीरता दिखाएं। उन्हें परेशान न होना पड़े।
महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली रिपोर्ट में पोषण ट्रैकर और बच्चों की उपस्थिति में अंतर भी पाया गया। अध्यक्ष शर्मा ने चेताया कि पंजीकृत बच्चों की संख्या का मिलान पोषण ट्रैकर के आंकड़ों से किया जाए। ताकि वास्तविक उपस्थिति की सटीक जानकारी मिल सके। उन्होंने बच्चों की सौ फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
निरीक्षण में आगे बढ़े तो एक के बाद एक गड़बड़ियां निकलती गईं। खाद्य आयोग के अध्यक्ष शर्मा ने इसके बाद बोड़ला के आदिवासी बालक आश्रम (प्राथमिक) का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां पदस्थ आश्रम अधीक्षक अनुपस्थित मिले, जिस पर अध्यक्ष ने मौके पर ही कार्रवाई के आदेश दिए। कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहींं की जाएगी।
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