प्रदेश में 2828 नए बूथ बनेंगे। इसके साथ ही बूथ बढ़कर 27199 हो जाएंगे। अगले परिसीमन के बाद इनकी संख्या 30 हजार तक हो सकती है। वर्तमान में 24,371 बूथ हैं। नए बूथ कालोनियों औरसोसायटियों में बनाए जाएंगे। इस वजह से संभावना है कि शहरी मतदाता वोटिंग को लेक
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दैनिक भास्कर ने पिछले साल 11 अप्रैल के अंक में ही यह बता दिया था कि बूथों की संख्या 30 हजार तक बढ़ सकती है। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के प्रस्ताव को स्वीकृत कर लिया है। इसके बाद अब राज्य में 2828 नए मतदान केंद्र बनेंगे।
जशपुर के 265, बस्तर, सारंगढ़ व खैरागढ़ के 4- 4, कोरबा 3, बिलासपुर व बीजापुर 6- 6, राजनांदगांव, मुंगेली, महासमुंद, मोहला मानपुर, सक्ती व नारायणपुर 1- 1, जांजगीर-चांपा 37, धमतरी, कांकेर व बालोद 3-3, दुर्ग 11 बूथों का नाम बदला जाएगा। नए बूथों के लिए इसके लिए 204 भवन परिवर्तित किए जाएंगे। 73 बूथों के स्थल परिवर्तन किए जाएंगे। बिलासपुर के 3 बूथों का विलोपन किया जाएगा। इसके साथ ही 355 नाम परिवर्तन और 495 अनुभाग परिवर्तन से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। 568 अनुभाग के नामकरण में परिवर्तन होगा। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रस्ताव भेजा था।
संशोधन करने से पहले लोगों तक करेंगे प्रचार
स्वीकृत मतदान केंद्रों की सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदान केंद्रों की वर्तमान सूची में ऊपर दिए गए संशोधन किए जाएंगे। इस संशोधन के संबंध में सभी राजनीतिक दलों, संबंधितों, जिला निर्वाचन अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। साथ ही इस संशोधन का जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। यह कदम भविष्य में होने वाले विधानसभा-लोकसभा चुनाव में मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

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