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बालोद जिले में फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर कृषि भूमि का सौदा करने और बयाना राशि लेने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले का मुख्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। मिली जानकारी के अनुसार लाटाबोड़ निवासी डमेन्द्र कुमार गंजीर के नाम पर ग्राम लाटाबोड़ में 1 एकड़ 60 डिसमिल कृषि भूमि दर्ज है। आरोप है कि परसोदा निवासी हरिशंकर गजभिए ने जमीन की फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर खुद को जमीन का मालिक बताया और खैरतराई निवासी जमीन दलाल नरेन्द्र बहादुर सोनी के साथ मिलकर उक्त भूमि का सौदा देवारभाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उनकी पत्नी कमला वर्मा से 15 लाख रुपए में कर दिया। आरोपियों ने 24 अप्रैल 2026 को जमीन बिक्री का इकरारनामा तैयार कर खरीदार पक्ष से 1.50 लाख रुपये बयाना राशि भी ले ली और फर्जी ऋण पुस्तिका उन्हें सौंप दी। मामला तब सामने आया जब खरीदार परिवार जमीन की पूजा-पाठ और अन्य तैयारियां करने लगा। इसकी जानकारी गांव और परिवार के लोगों के माध्यम से असली भूमि स्वामी डमेन्द्र कुमार गंजीर तक पहुंची। उन्होंने जमीन बेचने से इनकार किया, जिसके बाद पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत मिलने पर बालोद पुलिस ने जांच शुरू की और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। पूछताछ में आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी ने अपने साथी हरिशंकर गजभिए के साथ मिलकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर जमीन का सौदा करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में उपयोग किया गया वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं मामले का दूसरा आरोपी हरिशंकर गजभिए फरार है। जिसकी तलाश जारी है।
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