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समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही दुर्गूकोंदल क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। क्षेत्र के कई किसानों का धान का रकबा ही सरकारी रिकॉर्ड में शून्य दिखा रहा है। इसके चलते किसान अपनी उपज बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। इस सुधारने किसान अब लैंपस, धान खरीदी केंद्र और तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, पर अब तक समाधान नहीं हो पाया है।
ग्राम पंचायत खुटगांव की किसान श्यामाबाई, दुर्गा राम साहू और परदेशी साहू ने बताया वे वर्षों से दोड़दे क्षेत्र में खेती करते आ रहे हैं और हर साल समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री करते थे। इस वर्ष अचानक ऑनलाइन रिकॉर्ड में उनका धान का रकबा शून्य दिखा रहा है। किसानों ने कहा खेत में धान की फसल तैयार है, लेकिन कागजी त्रुटि के कारण वे अपनी मेहनत की उपज बेच नहीं पा रहे हैं। किसानों ने बताया वे कई बार लैंपस समिति और तहसील कार्यालय में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक त्रुटि सुधार नहीं हुआ है। धान खरीदी की समय-सीमा सीमित होने के कारण किसानों में चिंता बढ़ती जा रही है।
यदि समय रहते रकबा सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने तत्काल राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर रकबा त्रुटि में सुधार किया जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के समर्थन मूल्य पर धान बेच सकें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों, इसके लिए रिकॉर्ड अद्यतन करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। क्षेत्र के किसानों को अब प्रशासनिक पहल का इंतजार है, ताकि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हो सके।
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