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बलरामपुर जिले में शिक्षकों का पर्सनल डेटा लीक होने का मामला सामने आया है। अज्ञात ठग विभागीय अधिकारियों और क्राइम ब्रांच के नाम पर शिक्षकों को कॉल कर धमका रहे हैं और उनसे पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से यह सिलसिला जारी है, जिससे शि
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जानकारी के अनुसार, कॉल करने वाले व्यक्ति पहले शिक्षक का पूरा बायोडाटा, पदस्थापना स्थान और संस्था की जानकारी बताते हैं। इससे शिक्षक को लगता है कि कॉल विभाग से ही आया है। इसके बाद उनसे अश्लील वीडियो देखने या सरकारी मद की राशि के दुरुपयोग जैसे झूठे आरोप लगाकर कार्रवाई की धमकी दी जाती है।
जानकारी के लीक होने और धोखाधड़ी की आशंका
कुछ मामलों में वॉट्सऐप पर अश्लील तस्वीरें भेजकर भी डराया जा रहा है और पैसे भेजने पर कार्रवाई रोकने की बात कही जा रही है। शिक्षकों ने आशंका जताई है कि यह व्यक्तिगत जानकारी विभाग की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे ऐप्स या गूगल लिंक के माध्यम से लीक हो रही है। इन माध्यमों से समय-समय पर शिक्षकों से डेटा मांगा जाता है। लेकिन उसकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई है।
सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग
शिक्षकों का कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो भविष्य में किसी भी लिंक या ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी साझा करना मुश्किल होगा। इस मामले को लेकर शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी, बलरामपुर-रामानुजगंज से मुलाकात की है। उन्होंने मांग की है कि मामले की गहन जांच की जाए और विभागीय डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों में विभाग की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।
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