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शुगर मिल करकाभाट में रविवार रात 10 बजे से लेकर मंगलवार रात 10 बजे तक 48 घंटे में 2 हजार 170 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हो चुकी है। बुधवार को भी पेराई का दौर चलता रहा। प्रबंधन का दावा है कि गुरुवार से शक्कर उत्पादन शुरू होगा।
मंगलवार को 1010 टन गन्ने की पेराई हुई। दावा किया जा रहा है कि वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध है। इस वजह से ब्रेकडाउन की स्थिति नहीं बनेगी। हालांकि जिले में गन्ने की कमी है। इस वजह से दूसरे जिले के किसानों को भी टोकन जारी किया गया है ताकि गन्ने की आवक होती रहें और पेराई चलती रहें। बुधवार दोपहर तक 2 हजार 847 टन गन्ने की खरीदी हो चुकी थी। कृषि विभाग के अनुसार जिले के 5 ब्लॉक में 911 हेक्टेयर रकबे में लगी गन्ने की कटाई होगी। आंकड़े ही वास्तविक स्थिति बयां कर रही है कि जिले में गन्ने की कमी है। लिहाजा दूसरे जिले के किसानों को टोकन जारी किया जा रहा है। शुगर मिल के एमडी राजेंद्र राठिया, जीएम एलके देवांगन ने बताया कि फिलहाल पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध है। इस वजह से पेराई आगे भी चलती रहेगी। ब्रेकडाउन की स्थिति नहीं बनेगी।
खरीफ में किसान धान की खेती को देते हैं महत्व, इसलिए लक्ष्य अधूरा हर साल निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कम रकबे में गन्ने की खेती होती है। कृषि विभाग का तर्क है कि अधिकांश किसान धान की खेती करते है। कई गांव के किसान धान के अलावा गन्ने की खेती भी करते है बावजूद लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पाती। पिछले कई साल से कृषि विभाग की ओर से खरीफ सीजन में 2100 हे. में ही गन्ना लगाने का लक्ष्य तय किया जा रहा है। कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चंद्राकर ने बताया कि धान के अलावा खरीफ सीजन में गन्ना लगाने किसानों को प्रोत्साहित करते आ रहें है।
गन्ना लगाने हर साल लक्ष्य तय लेकिन पूर्ति नहीं होती कृषि विभाग की ओर से 1300 हेक्टेयर रकबे में गन्ना लगाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन एक हजार से कम हेक्टेयर में गन्ना लगा है। इस लिहाज से लक्ष्य अधूरा है। गन्ना लगाने हर साल लक्ष्य तय किया जाता है लेकिन पूर्ति नहीं हो पाती। जिले में कुल 5 ब्लॉक है। वर्तमान मंे एक भी ब्लॉक में लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। यह स्थिति, तब है, जब कृषि विभाग की ओर से किसानों को गन्ना लगाने प्रोत्साहित करने का दावा किया जा रहा है। पिछले साल 2100 हे. में गन्ना लगाने का लक्ष्य रखा गया था। जिसके अनुरूप सिर्फ 627 हेक्टेयर रकबे में ही गन्ना लग पाया था।
रबी सीजन में दिसंबर से मार्च तक गन्ने की बुआई करते हैं किसान कृषि विभाग के अनुसार जिले के किसान रबी सीजन में दिसंबर से मार्च तक और खरीफ सीजन में जून-जुलाई में गन्ने की बोआई करते है। पिछले कई साल से जिला प्रशासन, कृषि विभाग व शुगर मिल के अफसर अपने स्तर पर किसानों को प्रोत्साहित कर रहे है ताकि रकबा बढ़ सकें। वहीं बैठक लेकर कलेक्टर कृषि व अन्य विभाग के अफसरों से चर्चा कर समीक्षा कर रहे है बावजूद अधिकांश किसान परंपरागत धान की खेती को महत्व दे रहें है। जिसके चलते गन्ने का रकबा कम है।
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