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सेवा पुस्तिका जांच में लापरवाही: 2010 के बाद नियमित परीक्षण नहीं, रिटायरमेंट पर अटक रही पेंशन

शिक्षा विभाग में शिक्षकों की सेवा पुस्तिका हर साल जांचने की व्यवस्था है, लेकिन 2010 के बाद ज्यादातर जिलों में इसका नियमित परीक्षण ही नहीं हुआ। यानी हजारों शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में 10 से 15 साल की नौकरी का रिकॉर्ड नियमित रूप से जांच और अपडेट नहीं हुआ है। अब इसका खामियाजा रिटायरमेंट के समय भुगतना पड़ता है।

सेवा पुस्तिका में शिक्षक की नौकरी की पूरी हिस्ट्री दर्ज होती है। हर साल यह देखना होता है कि उन्होंने कितनी छुट्टियां लीं, अर्जित अवकाश कितना बचा है, वेतन निर्धारण सही है या नहीं और सेवा से जुड़ा कोई हिसाब अधूरा तो नहीं है। परीक्षण के बाद रिकॉर्ड को अपडेट और सत्यापित किया जाना होता है। यह प्रक्रिया प्राचार्य या विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से होनी चाहिए। लेकिन साल-दर-साल यह जांच नहीं होने से पुराना रिकॉर्ड जस का तस पड़ा है।

जब शिक्षक रिटायरमेंट के करीब पहुंचते हैं या रिटायर जाते हैं, तब उनकी सेवा पुस्तिका खोली जाती है। इसमें कई जगह पुरानी एंट्री अधूरी मिलती है। जिस स्कूल में पोस्टिंग थी, वहीं लौटना पड़ रहा है। किसी शिक्षक की सेवा पुस्तिका में पुरानी पोस्टिंग का रिकॉर्ड अधूरा है तो उसे उस स्कूल या कार्यालय से जानकारी जुटानी पड़ रही है। शिक्षक ने नौकरी के दौरान जितने स्कूल बदले, रिकॉर्ड अधूरा होने पर उतनी जगहों से कागज जुटाने की जरूरत पड़ सकती है।

छुट्टी, पदस्थापना, वेतन निर्धारण या दूसरे सेवा रिकॉर्ड की एंट्री पूरी कराने के लिए रिटायरमेंट के बाद भी दफ्तरों के चक्कर लग रहे हैं। यही अधूरा रिकॉर्ड पेंशन की प्रक्रिया में सबसे बड़ी अड़चन बनता है। सेवा की पूरी अवधि सत्यापित नहीं होने पर पेंशन और दूसरे देयकों की गणना आगे नहीं बढ़ पाती।

इन वजहों से भी अटकती है पेंशन: अर्जित अवकाश: सेवा पुस्तिका में अर्जित अवकाश का पूरा हिसाब दर्ज नहीं होने पर रिटायरमेंट के समय संबंधित लाभ की गणना अटक सकती है। पीपीओ नंबर: रिटायरमेंट के बाद पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी होता है। इसके जारी होने में देरी होने पर पेंशन शुरू होने में भी विलंब होता है। अधूरे दस्तावेज: नियुक्ति, पदोन्नति, वेतन निर्धारण, छुट्टी और सेवा से जुड़े दूसरे दस्तावेज अधूरे होने पर रिटायरमेंट के बाद शिक्षक को इन्हें पूरा कराने के लिए पुराने कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

शिक्षा विभाग में पेंशन के 2 हजार प्रकरण अटके हैं, जिन्हें 30 सितंबर तक निपटाना है। स्कूल शिक्षा विभाग ने पेंशन के अटके करीब 2 हजार प्रकरणों को 30 सितंबर तक निपटाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से लंबित मामलों की व्यक्तिगत समीक्षा कर निराकरण कराने कहा गया है।

साथ ही मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और पासबुक पहले यानी रिटायरमेंट के पूर्व ही दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण की जांच कोष एवं लेखा से कराने कहा गया है। अक्टूबर 2026 से रिटायर होने वालों का पीपीओ उसी महीने जारी करने और अन्य देयकों का भुगतान भी रिटायरमेंट वाले माह में करने के निर्देश हैं।

विभाग ने हर साल अप्रैल में विकासखंड स्तर पर कैंप लगाकर सेवा पुस्तिका और पासबुक पूर्ण कराने तथा लंबे समय से लंबित न्यायालयीन मामलों में कोर्ट सेल बिलासपुर की मदद लेने को कहा है।

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