बुजुर्गों के लिए प्रदेश सरकार योजना ला रही है। इसके तहत एल्डर डे केयर सेंटर बनाए जाएंगे। इसका नाम सियान गुड़ी रखा गया है। हर जिले में एक गुड़ी बनाने की योजना है। इसकी शुरुआत अभी 12 जिलों से होने जा रही है। गुड़ी में कोई भी 60 साल से ऊपर का बुजुर्ग आक
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यह बाकी वृद्धाश्रम से अलग होंगे, क्योंकि इसमें बुजुर्गों को पढ़ाया भी जाएगा। इसके साथ हर महीने में एक दिन परिवार दिवस के तौर पर भी बनाया जाएगा। स्कूल के बच्चों को भी यहां लाया जाएगा, ताकि वे बुजुर्गों के अनुभव का लाभ ले सकें। ऐसा देश में पहली बार होगा। लगातार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस संबंध में बैठकें लेते रहे हैं। जल्द ही पूरे प्रदेश में इसे लागू कर दिया जाएगा।
सियान गुड़ी में नाटक, पेंटिंग, कहानी-कविता पाठ और टैलेंट शो होंगे… इस योजना के बारे में जो आप जानना चाहते हैं
कितने जिलों में शुरुआत होगी?
-रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, धमतरी, बालोद, रायगढ़, जांजगीर चांपा, दुर्ग, अंबिकापुर, सुरजपुर, जगदलपुर, बलौदा बाजार,
सियान गुड़ी में क्या सुविधाएं होंगी?
– स्वास्थ्य जांच और परामर्श
– योग, ध्यान और काउंसलिंग
– फिजियोथेरेपी और पुनर्वास सेवाएं
– मनोरंजन व सांस्कृतिक गतिविधियां
– मेमोरी क्लीनिक और कागनेटिव गेम्स
– हेल्पलाइन और इमरजेंसी सपोर्ट
स्वास्थ्य के साथ मनोरंजन का भी ख्याल
– इन डे-केयर सेंटरों में नियमित स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार, फिजियोथेरेपी, योग और ध्यान जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ वे दिन भर व्यस्त रहें इसके लिए अलग-अलग तरीके मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। सेंटरों में संगीत, नाटक, पेंटिंग, कहानी-कविता पाठ और टैलेंट शो जैसी गतिविधियां होंगी। इससे बुजुर्गों की छिपी प्रतिभा को मंच मिलेगा।
मानसिक खेलों से दिमाग रहेगा तेज
-बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त की समस्या आम हो जाती है। इस योजना के तहत मेमोरी क्लीनिक और मानसिक खेलों की व्यवस्था होगी। इसमें सुडोकू जैसे मानसिक खेल खिलाए जाएंगे। यही नहीं सीनियर टैलेंट शोकेस के जरिए उनकी कला और कौशल को मंच दिया जाएगा। आने वाले समय में सियान गुड़ी के बीच आपसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएगी।
फैमिली कोआर्डिनेशन डे भी मनेगा
– इस योजना में एक स्पेशल डे की व्यवस्था भी की जाएगी। यह विशेष दिन परिवार और बुजुर्गों के बीच रिश्तों को मजबूत करने के लिए मनाया जाएगा। इस दिन परिवार के सदस्य सेंटर में आकर गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, जिससे पीढ़ियों के बीच दूरी कम होगी। डे-केयर सेंटरों में बुजुर्गों की देखभाल करने वाले स्टाफ के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। इसमें जिरिएट्रिक केयर, काउंसलिंग, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन प्रबंधन शामिल होगा। इसके अलावा समाज को भी बुजुर्गों की देखभाल के प्रति जागरूक बनाने के लिए अभियान चलाए जाएंगे।
कलेक्टर के हाथ में होगी कमान
– इस योजना की कमान हर जिले में कलेक्टर के हाथों में सौंपी जा रही है। योजना में खर्च होने वाली राशि का 50 प्रतिशत तो समाज कल्याण विभाग निराश्रित निधि से देगा। बाकी 50 प्रतिशत कलेक्टर को डीएमएफ, सीएसआर जैसे फंड से लेना होगा। सियान गुड़ी की आपस में प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि कहां कितनी सुविधाएं मिल रही हैं।
विभाग ने बुजुर्गों के लिए एक नई योजना सियान गुड़ी बनाई है। गुड़ी में मानसिक खेलों के साथ उनके स्वास्थ्य ध्यान रखा जाएगा। योजना 60 वर्ष से अधिक हर बुजुर्ग के लिए होगी। – भुवनेश यादव, सचिव, समाज कल्याण विभाग
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