जितेंद्र सिंह/शहनवाज आलम की रिपोर्ट
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23 सितंबर की सुबह 8 बजे। जगह थी राजनांदगांव की सोमनी। मां बम्लेश्वरी के जयकारों के बीच भक्तों की भीड़ आगे बढ़ रही थी। उन्हीं चेहरों के बीच 12वीं की टॉपर महिमा साहू भी थी, लेकिन कुछ ही पलों में सामने से तेज रफ्तार में आती काली थार ने महिमा को कुचलकर मार डाला। बताया जा रहा है कि थार को नाबालिग चला रहा था।
पहले ब्रेक लगाकर डराया (स्टंट), फिर थार को झटके से आगे बढ़ाया, फिर स्लो कर अचानक रफ्तार बढ़ाई। इसी खेल में थार का टायर महिमा पर चढ़ा। महिमा के मुंह से खून बह रहा था, हड्डियां टूट चुकी थीं, जमीन पर लहूलुहान तड़प रही थी। श्रद्धालु थार के पीछे दौड़े, लेकिन फुल स्पीड में लेकर नाबालिग भाग निकला। ठाकुर टोला टोल प्लाजा पर आरोपी ने 500 का नोट दिया, लेकिन इतनी हड़बड़ी में था कि बाकी पैसे लिए बिना ही भाग गया। वहीं, लहूलुहान महिमा को सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
हिट-एंड-रन केस में सबसे अहम भूमिका उस नाबालिग ड्राइवर की रही, जिसने भिलाई से थार लेकर डोंगरगढ़ तक 160 किलोमीटर का सफर तय किया। मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने के बाद लौटते वक्त उसने लापरवाही से गाड़ी चलाई और महिमा को कुचल दिया।
थार में उस समय चार लोग थे। इनमें दो लड़के और दो लड़कियां शामिल थीं। इस गाड़ी का मालिक रजत सिंह है, जो भिलाई का रहने वाला है। उसने अपनी थार कार नयन सिंह को किराए पर दी थी। नयन सिंह ने ही इस गाड़ी को आगे भिलाई के नाबालिग लड़के के हवाले कर दिया, जो इस हादसे का कारण बना। महिमा को कुचलने वाला नाबालिग और उसके साथ में बैठा दोस्त रईसजादे हैं। इनके साथ 2 लड़कियां थीं, वह भी अच्छे संभ्रांत परिवार से हैं।
महिमा को कुचलने के बाद चारों को बचाने की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक गाड़ी का मालिक रजत सिंह और नाबालिग के पिता दोस्त हैं। नाबालिग को बचाने के लिए फर्जी ड्राइवर का इंतजाम किया गया। रजत ने कवर्धा निवासी राजू कुमार धुर्वे को फर्जी ड्राइवर बनाकर पुलिस के सामने पेश किया। इसी दौरान परिजनों और पत्रकारों ने आरोपियों की साजिश का विरोध किया। इसमें पुलिस भी सवालों में घिरी।
पत्रकारों के हंगामे के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने नाबालिग समेत रजत सिंह, नयन सिंह, राजू कुमार धुर्वे को गिरफ्तार किया। हालांकि रजत सिंह के परिजन का कहना है कि रजत ने पुलिस की मदद की है। पुलिस ने जैसे-जैसे बोलने के लिए कहा, उसने वैसे-वैसे कहा है, लेकिन पुलिस ने रजत को ही फंसा दिया।
हालांकि सोमनी पुलिस ने परिजन के आरोप को नकार दिया है। राजनांदगांव सीएसपी वैशाली जैन ने बताया कि महिंद्रा थार को मालिक रजत सिंह से जब्त किया गया है। गाड़ी मालिक ने जानबूझकर आरोपी को बचाने के लिए साजिश रची थी। राजू कुमार धुर्वे को ड्राइवर बताकर पेश किया। कड़ाई से पूछताछ के बाद सच्चाई समाने आई।
आईएएस की तैयारी कर रही थी महिमा महिमा कोंडागांव के पोस्ट ऑफिस में सरकारी नौकरी कर रही थी। वहां 4 घंटे ड्यूटी करने के बाद वह रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थी। उसका लक्ष्य 2027 में कलेक्टर बनना था। महिमा का 16 घंटे का शेड्यूल था। वह दिन-रात मेहनत कर पढ़ाई करती थी। नौकरी लगने की मन्नत मांगी थी, मन्नत पूरी होने के बाद दर्शन के लिए जा रही थी।

जानिए पूरा मामला भिलाई के अटल आवास जामुल की रहने वाली महिमा सोमवार को बहन और मोहल्ले के भक्तों के साथ मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ जा रही थी। सुबह करीब 8 बजे पदयात्रा मानकी पहुंची थी। इसी दौरान सड़क पर बेकाबू थार नंबर CG04 QC 8007 आते देख दोनों बहनें घबरा गईं। कार के स्टंट देखकर महिमा और छोटी बहन का हाथ छूट गया। थार ने महिमा को पहले तेज रफ्तार में डराया, फिर टक्कर मारी। महिमा को टक्कर मारकर फरार हो गया।
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