रायपुर के ब्लैक करेंसी स्कैम में दो और आरोपी गिरफ्तार, कुल 11 हुए


रायपुर में करोड़ों रुपए के ‘वॉश-वॉश’ ब्लैक करेंसी स्कैम मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी महाराष्ट्र के पालघर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के लोग केमिकल की मदद से काले कागज को असली नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करते थे। इसी तरीके से सालिक-ग्रुप के डायरेक्टर से करीब 1.13 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी।
इस मामले में पुलिस पहले 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब रामायण सिंह उर्फ अभिषेक सिंह और दीपक सिंह की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपए से अधिक की नगदी बरामद की थी। इसके अलावा 20 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, नोट के आकार के काले कागज, कांच की प्लेट्स, दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई थी। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 4 करोड़ 2 लाख रुपए बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के साथ जब्त मोबाइल और उनमें मौजूद डिजिटल सामग्री की तकनीकी जांच की। इस दौरान आरोपियों के आपसी संपर्क और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली। इसी जांच में रामायण सिंह और दीपक सिंह की भूमिका सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, तकनीकी जांच और पूछताछ में दोनों आरोपियों के आपस में संपर्क में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उनकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। लगातार निगरानी और डिजिटल सबूतों की जांच के बाद पुलिस ने दोनों को लोकेट कर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामायण सिंह उर्फ अभिषेक सिंह (39) निवासी विरार वेस्ट, मुंबई और दीपक सिंह (46) निवासी मीरा रोड, पालघर के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से ठगी के नेटवर्क और मामले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।




