रायगढ़ के घरघोड़ा में भटककर गांव पहुंचा जंगली सुअर, दयनीय हालत में तड़पकर गई जान
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छोटे गुमड़ा गांव के पास एक जंगली सुअर मिलने से हड़कंप मच गया। रविवार को जंगल की ओर से भटककर यह जंगली सुअर गांव के पास एक खुले स्थान पर पहुंच गया था। सुअर की शारीरिक स्थिति अत्यंत दयनीय थी और वह ठीक से चल पाने में भी असमर्थ नजर आ रहा था।
जंगली सुअर को गांव के करीब देखकर वहां ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने देखा कि सुअर बार-बार लड़खड़ा रहा है और खड़ा होने का प्रयास करने के बावजूद गिर जा रहा है। इस दृश्य को देखकर ग्रामीणों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाए, जिसमें सुअर की खराब हालत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।
सुअर की ऐसी स्थिति को देखकर ग्रामीणों के बीच विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों का मानना था कि सुअर किसी हादसे में घायल हो गया है, जबकि कुछ अन्य लोग उसके गंभीर रूप से बीमार होने की आशंका जता रहे थे। हालांकि, जंगली जानवर की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर डर का माहौल भी बना हुआ था।
ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह जंगली सुअर को सुरक्षित रूप से पकड़ा और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा रेंज की एक टीम मौके पर पहुंची। वन अमले ने सुअर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत प्राथमिक उपचार और बेहतर इलाज के लिए ले जाने की तैयारी शुरू की।
वन विभाग की टीम जब जंगली सुअर को वाहन में लादकर इलाज के लिए ले जा रही थी, तभी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सुअर के दम तोड़ने के बाद वन विभाग की टीम उसे घरघोड़ा रेंज कार्यालय लेकर आई। यहां विभागीय प्रक्रियाओं के तहत मृत जंगली सुअर का पंचनामा तैयार किया गया और आगे की कार्रवाई की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही घरघोड़ा सब डिवीजन के उप वनमंडलाधिकारी आशुतोष मंडावा भी मौके पर पहुंचे। उनकी उपस्थिति में मृत जंगली सुअर का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभागीय नियमों के अनुसार जंगली सुअर का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उप वनमंडलाधिकारी आशुतोष मंडावा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि जंगली सुअर शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुका था और वह अपने पैरों पर खड़ा होने की स्थिति में भी नहीं था।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगली सुअर की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या सुअर किसी संक्रमण की चपेट में था या उसकी मौत का कारण कुछ और है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।




