अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में रेडियोथेरेपी विभाग खोलने के लिए राज्य शासन ने मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग से रेडियोथैरेपी के 7 पदों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, सीनियर रेसीडेंट एवं जूनियर रेसीडेंट के पद शामिल हैं। सरगुजा मेड
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चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेडियो थेरेपी विभाग खोलने के लिए 7 पदों के लिए स्वीकृति दी है। इसके लिए वित्त विभाग की मंजूरी मिल गई है। रेडियो थेरेपी विभाग में प्राध्यापक के एक पद, सहायक प्राध्यापक के दो पद, सीनियर रेसीडेंट के दो पद एवं जूनियर रेसीडेंट के दो पद शामिल हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में रेडियो थेरेपी विभाग खुलना सुनिश्चित हो गया है।

राज्य शासन ने पदों की दी स्वीकृति
कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत रेडियो थेरेपी विभाग खुलने के बाद कैंसर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल तीन सालों तक रेडियोथेरेपी विभाग कैंसर मरीजों के लिए काम करेगा। तीन सालों तक विभाग का संचालन सुव्यवस्थित तरीके से चलने के बाद पीजी सीटों की मंजूरी के लिए आवेदन एमसीआई को भेजा जाएगा। एमसीआई की मंजूरी के बाद रेडियोथेरेपी में पीजी की पढ़ाई शुरू हो सकेगी।
नावापारा CHC में बंद हुई कीमोथेरेपी की सुविधा अंबिकापुर के नावापारा CHC में कांग्रेस शासनकाल में कैंसर पीड़ितों के लिए कीमोथैरेपी सेंटर खोला गया था। यहां के विशेषज्ञ चिकित्सक डा. हिमांशु गुप्ता ने एक माह पूर्व इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद कीमोथैरेपी विभाग बंद हो गया है।
डा. हिमांशु गुप्ता यहां 2021 से से सेवाएं दे रहे थे। उन्हें सामान्य चिकित्सक की तरह 50 हजार रुपये का वेतन दिया जा रहा था। कांग्रेस शासनकाल में उन्हें आयुष्मान सहित अन्य इन्सेंटिव से सम्मानजनक वेतन दे दिया जाता था। सरकार बदलने के बाद इन्सेन्टिव मिलना बंद हो गया तो डा. गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद लोगों को मुफ्त में मिलने वाला मंहगा इलाज मिलना बंद हो गया है।
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