पुलिस ने जिसे मृत बताकर हत्या का खुलासा कर केस क्लोज कर दिया था, वह युवक जिंदा थाने पहुंच गया।
छत्तीसगढ़ के जशपुर में पुलिस ने जिसे मृत बताकर हत्या का खुलासा कर केस क्लोज कर दिया था, वह युवक जिंदा थाने पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि वह जिंदा है और उसकी हत्या नहीं हुई है। वह रोजगार की तलाश में झारखंड गया था।
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मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 61 दिन पहले एक युवक की अधजली लाश मिली थी। पुलिस ने इस मामले में तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने कमीशन के पैसों को लेकर विवाद में दोस्ती की हत्या करना स्वीकार किया था।
जिसकी हत्या हुई थी, उसका नाम सीमित खाखा (30) बताया गया था। हालांकि, शनिवार को वह थाने पहुंचा और अपने नाम बताया। जिसे सुनकर पुलिस वाले भी हैरान रह गए। लेकिन अभी तक तीनों दोस्तों ने किसी हत्या की यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
देखिए पहले ये तस्वीरें…

पेट्रोल डालकर जलाया। पुलिस ने शव के अवशेष बरामद किया।

मर्डर करने वाले आरोपी रामजीत राम (25 साल), वीरेंद्र राम (24 साल)।

पुलिस ने आरोपियों से सीन क्रिएट करवाया।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 22 अक्टूबर को सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पुरनानगर-बालाछापर के बीच स्थित तुरीटोंगरी जंगल में युवक की अधजली लाश मिली थी। शव एक गड्ढे में पड़ा था और उसका चेहरा सहित शरीर का अधिकांश हिस्सा जला हुआ था।
पुलिस ने पंचनामा और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मर्ग कायम किया और शव का पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट में मौत को हत्या बताया गया, जिसके बाद की धारा 103(1) और 238(क) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
शराब के विवाद में हत्या का किया गया था खुलासा
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि ग्राम सिटोंगा निवासी सीमित खाखा कुछ दिन पहले अपने साथियों के साथ झारखंड के हजारीबाग मजदूरी करने गया था। उसके साथी लौट आए थे, लेकिन सीमित वापस नहीं आया।
पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को सीमित खाखा अपने साथियों रामजीत राम, विरेंद्र राम और नाबालिग के साथ जशपुर लौटा था। बस से उतरने के बाद सभी बांकी टोली स्थित बांकी नदी पुलिया के पास पहुंचे, जहां शराब पीने के दौरान कमीशन राशि को लेकर विवाद हुआ।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान रामजीत राम ने सीमित के सीने में चाकू से वार किया, जबकि विरेंद्र राम ने लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को करीब 400 मीटर दूर जंगल के गड्ढे में डालकर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की।

सीमित खाखा, जिसे मरा समझकर पुलिस ने हत्या का खुलासा किया था।
मजिस्ट्रेट के सामने शव की पहचान और कबूलनामा
अधजली लाश की पहचान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट (नायब तहसीलदार) के समक्ष कराई गई थी। जहां सीमित खाखा की मां, पिता और भाई ने शव को सीमित खाखा का होना स्वीकार किया।
पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट से घटनास्थल का सीन ऑफ क्राइम रिक्रिएशन भी कराया। गिरफ्तार आरोपियों के कथन न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने कराए गए। जहां उन्होंने हत्या का अपराध स्वीकार किया। सभी प्रक्रियाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई थी।
गिरफ्तार आरोपी और बाद में पकड़े गए फरार आरोपी
इस मामले में पुलिस ने पहले रामजीत राम, विरेंद्र राम और नाबालिग को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। बाद में फरार आरोपियों शीतल मिंज (39) और जीतू राम (32) को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 238(क), 61(2) और लूट की धारा 127(1), 309(4), 298, 351(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया। जिन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल दिया गया।
शनिवार रात जिंदा हालत में थाने पहुंचा युवक
शनिवार की रात पूरा मामला उस समय पलट गया, जब तथाकथित मृतक सीमित खाखा ग्राम पंचायत सिटोंगा की सरपंच कल्पना खलखो के साथ सिटी कोतवाली थाना पहुंचा। सरपंच कल्पना खलखो ने बताया कि सीमित झारखंड से आने वाली बस से उतरा और सिटोंगा जाने के लिए ऑटो में बैठा।
ऑटो चालक सीमित को पहचानता था। उसी ने फोन कर सूचना दी कि जिस युवक की हत्या के आरोप में लोग जेल में हैं, वही युवक जिंदा ऑटो में बैठा है। इसके बाद सीमित को सीधे थाना लाया गया।
सीमित खाखा ने पुलिस को बताया क्या ?
सीमित खाखा ने पुलिस को बताया कि वह रोजगार की तलाश में झारखंड गया था। रांची पहुंचने के बाद वह अपने साथियों से अलग हो गया और गिरिडीह जिले के सरईपाली गांव में खेतों में मजदूरी करने लगा।
उसके पास मोबाइलनहीं था, जिसके कारण वह अपने परिजनों या गांव के लोगों से संपर्क नहीं कर सका। वह क्रिसमस मनाने के लिए घर लौट रहा था, तभी यह मामला सामने आया।
नए सिरे से की जा रही जांच- SDOP
एसडीओपी चंद्रशेखर परमा ने बताया कि अधजली लाश की पहचान मृतक के माता, पिता और भाई की ओर से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सामने की गई थी। आरोपियों के कथन न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए थे।
जिसमें उन्होंने हत्या का अपराध स्वीकार किया था। दोनों प्रक्रियाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। सीमित खाखा के जीवित सामने आने के बाद पूरे मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है और गिरफ्तार आरोपियों की अस्थायी रिहाई की वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
आरोपियों की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही- SSP
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि वास्तविक मृतक की पहचान के लिए राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूर्व में कार्रवाई की गई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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3-दोस्तों ने श्मशान के पास साथी को चाकू से काट-डाला:शव को 400 मीटर दूर पेट्रोल डालकर जलाया; कमीशन के पैसों को लेकर विवाद में हत्या

वारदात वाली जगह ले जाकर आरोपियों से सीन री- क्रिएशन करवाया गया।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 3 दोस्तों ने अपने साथी को चाकू से काटकर मार डाला, फिर श्मशान घाट के पास लाश को पेट्रोल डालकर जला दिया। आरोपियों ने कमीशन के पैसों को लेकर हत्या की है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
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