पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ में ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम, 1.50 करोड़ से ज्यादा दीये जलाने का दावा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेशभर में 1.50 करोड़ से ज्यादा दीये जलाने का दावा किया गया।
छत्तीसगढ़ में ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे जनभागीदारी का कार्यक्रम बताते हुए कहा कि लोग स्वस्फूर्त होकर सड़कों पर उतरे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति लोगों ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ स्वस्फूर्त जलाया गया। लोगों ने प्रधानमंत्री को आशीर्वाद दिया है।
दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान सीएम साय ने कहा था कि 17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन है। वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में भारतवासियों की सेवा कर रहे हैं। आज उनको आशीर्वाद स्वरूप स्वस्फूर्त सड़कों पर लोग उतरे हैं और दीये जलाकर उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं।
वहीं कांग्रेस नेता और रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सीएम समेत बीजेपी नेताओं के बयान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में डेढ़ करोड़ दीये जलाने का दावा किया जा रहा है।
विकास उपाध्याय ने कहा कि अगर एक दीये पर करीब 10 रुपए का खर्च भी माना जाए, तो 15 करोड़ से ज्यादा सरकार का पैसा खर्च हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि भारतीय जनता पार्टी ने यह पैसा किस मद से खर्च किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान विश्वकर्मा से की है। विकास उपाध्याय ने सवाल उठाया कि इतने दीयों और तेल का इंतजाम कैसे हुआ और इसका पैसा कहां से आया?
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इसके लिए कोई आधिकारिक टेंडर किया गया था। उन्होंने सरकार से आयोजन के खर्च और पैसे के स्रोत की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
इसके अलावा पूर्व विधायक विकास अग्रवाल ने आयोजन में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।




