कोल वाशरी के विरोध में नाराज लोगों ने घेरा कलेक्ट्रेट।
बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक में प्रस्तावित कोल वाशरी का स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। नाराज लोगों का कहना है कि ट्राइबल एरिया में पेसा कानून लागू है। इसके बाद भी स्थानीय लोगों से पूछे बगैर कोल वाशरी खोलने की अनुमति कैसे दे दी गई। जिस जगह पर
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दरअसल, कोटा क्षेत्र के ग्राम अमाली में कोल वॉशरी शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके लिए जमीन की खरीदी-बिक्री हो गई है। वहीं, जिला प्रशासन के साथ ही पर्यावरण प्रदूषण मंडल ने भी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब जनसुनवाई करने की तैयारी की जा रही है। कोल वॉशरी खोलने की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत अमाली सहित आसपास के गांव के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जिस जमीन पर कोल वॉशरी खोली जा रही है, वह पूरी तरह कृषि भूमि है।

पेसा कानून को दरकिनार कर कोल वाशरी की अनुमति देने का लगाया आरोप।
कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे लोग कोल वॉशरी के विरोध में सड़क पर उतरे लोग मंगलवा को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव हर नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा मचाया। जिसके बाद गेट के सामने धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा कि अपने गांव में प्रस्तावित कोल वॉशरी के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। वो किसी भी स्थिति में कोल वाशरी शुरू नहीं करने देंगे।

कलेक्ट्रेट का घेराव कर जिला प्रशासन के अफसरों को दिया ज्ञापन।
पेसा कानून का उल्लंघन कर दी अनुमति उनका कहना है कि अगर यहां उद्योग खुला तो खेती पूरी तरह खत्म हो जाएगी और ग्रामीणों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि अमाली गांव आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है और यहां पेसा कानून लागू है। इसके बावजूद बिना ग्राम सभा की अनुमति परियोजना आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे आंदोलन और तेज करेंगे।अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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