स्कूल पहुंच पुलिस ने छात्रों को छुड़ाया
अंबिकापुर में संचालित गुरुकृपा पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल ने रिजल्ट मांगने आए छात्रों को बंधक बनाकर पीटा। सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहले पर पुलिस ने छात्रों को इंस्टीट्यूट के परिसर से निकाला। छात्रों की रिपोर्ट पर पैरामेडिकल संस्थान के प्रिंसि
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जानकारी के मुताबिक, गुरुकृपा पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट में 2020 में कई छात्रों ने डीएमएलटी के कोर्स में दाखिला लिया था। छात्रों को इंस्टीट्यूट के द्वारा बताया गया था कि उन्हें परीक्षा देने के लिए शहडोल, मध्यप्रदेश जाना पड़ेगा। परीक्षा के लिए छात्रों को शहडोल से 200 किलोमीटर दूर नरसिंहपुर ले जाया गया, जहां छात्रों ने परीक्षा दी। छात्रों को परीक्षा देने के तीन साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी सर्टिफिकेट ही नहीं दिया गया है।

छात्र ने प्रिंसिपल पर लगाया मारपीट का आरोप
रिजल्ट मांगने पहुंचे छात्र, बंधक बना पीटा छात्रों ने बताया कि उन्होंने कोर्स के लिए प्रति छात्र 90 हजार रुपये जमा कराए थे। उनके बैच में जितने छात्रों ने परीक्षा दी, किसी का सर्टिफिकेट इंस्टीट्यूट के द्वारा नहीं दिया गया है। वे लगातार इंस्टीट्यूट का चक्कर लगा रहे थे। शुक्रवार को छात्र मुकेश राजवाड़े के साथ दो छात्राएं इंस्टीट्यूट में सर्टिफिकेट के लिए पहुंचे थे।
इसी दौरान छात्र मुकेश राजवाड़े ने परेशान होकर प्रिंसिपल के द्वारा दिए जा रहे आश्वासन का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। प्रिंसिपल ने मोबाइल से रिकार्डिंग का पता लगने पर छात्रों को बंधक बनाकर पीटना शुरू कर दिया। उनका मोबाइल फोन लूट लिया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद उन्हें ऑडियो वीडियो डिलीट करने के बाद मोबाइल फोन दिया गया। तब छात्रों ने अपने परिचित लोगों को फोन किया और अपने बंधक होने की जानकारी दी।

इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस ने छुड़ाया, दर्ज की FIR कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर थाने की पुलिस को मामले की जानकारी दी। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल एवं पुलिसकर्मी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट पहुंचे। पुलिस ने छात्रों को पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट प्रबंधन के कैंपस से छुड़ाया और उसके बाद छात्रों का थाने में बयान लिया।
पुलिस ने पैरामेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल दीपांकर दत्ता के खिलाफ धारा 296,127 (2) व 115 (2) BNS के तहत अपराध दर्ज किया है।
प्रिंसिपल का दबदबा, मनमानी का आरोप पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल का अपना रौब है। उसने कई मंचों से भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं के हाथों में सम्मान भी प्राप्त किया है। इस वजह से वह छात्रों को भी देख लेने की धमकी देता है।
पिछले दिनों पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट की जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी पहुंचे थे उनके साथ भी इसी तरीके से व्यवहार किया गया। उन्होंने भी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के प्रबंधन के इस धौंस की वजह से जांच नहीं किया थाl बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग की इस टीम ने भी पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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