छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति ने शुक्रवार को रामचंद्रपुर में एक विशाल रैली और प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पंडो विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTGs) की जमीनों में हेराफेरी कर उन्हें गैर-जनजातियों के नाम दर्ज कराने और राजस्व अभिलेखो
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रैली के बाद संगठन ने रामचंद्रपुर तहसीलदार को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के नाम पर ज्ञापन सौंपा। समिति ने आरोप लगाया कि तहसील रामचंद्रपुर कार्यालय के रीडर तहसीलदार ने भूमाफिया निखिल गुप्ता और राजेंद्र गुप्ता (ग्राम टाटीआथर निवासी) के साथ मिलीभगत की है।
इस मिलीभगत के तहत पंडो जनजाति के राजस्व रिकॉर्ड में उनकी जाति को मनमाने ढंग से परहिया लिख दिया गया है। इससे उनकी जमीनों को गैर-जनजातियों को बेचने और रजिस्ट्री कराने का रास्ता खुल रहा है। समिति ने इसे कमिश्नर सरगुजा संभाग के उन आदेशों का खुला उल्लंघन बताया।
जिनमें पंडो जनजति की भूमि की बिक्री, रजिस्ट्री या हस्तांतरण पर स्पष्ट रोक लगाई गई है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पंडो ने कहा कि तहसील कार्यालय के कुछ अधिकारी-कर्मचारी भूमाफियाओं के साथ मिलकर पंडो जनजाति के गरीब, अशिक्षित और अनभिज्ञ परिवारों को गुमराह कर रहे हैं।

समिति की आठ सूत्रीय मांगें
उन्होंने बताया कि कई मामलों में पंडो जनजाति को “सामान्य जाति” बताकर राजस्व दस्तावेजों के माध्यम से उनकी जमीनें छीनी जा रही हैं। ज्ञापन में समिति ने आठ सूत्रीय मांगें प्रस्तुत कीं।
इनमें दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों और भूमाफियाओं पर एफआईआर दर्ज करना, जाति रिकॉर्ड में छेड़छाड़ रोकना, पण्डो जनजाति के अधिकारों की रक्षा करना, और “परहिया” नाम लिखकर की जा रही धोखाधड़ी पर त्वरित कानूनी कार्रवाई करना शामिल है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी
इसके अलावा समिति ने मांग की है कि जिन पंडो परिवारों के पास पुराने दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें ग्रामसभा प्रस्ताव के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए और उनकी काबिज वन भूमि का पट्टा दिया जाए।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो समाज उग्र आंदोलन, चक्का जाम और राजभवन तक पदयात्रा करने के लिए बाध्य होगा।
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